कोषाध्यक्ष पर पूर्व महामंत्री ने लगाया करोड़ों के गबन का आरोप... - CG Sandesh

कोषाध्यक्ष पर पूर्व महामंत्री ने लगाया करोड़ों के गबन का आरोप...छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आंतरिक घमासान जारी

रायपुर। लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सियासी उठा-पटक जारी है। बीते कुछ महीनों से पार्टी की अंतर्कलह खुलकर सामने आ रही है। इसी बीच पूर्व संगठन महामंत्री अरुण सिसोदिया ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखा है। पत्र में सिसोदिया ने  पार्टी के कोषाध्‍यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार रहे विनोद वर्मा पर 5 करोड़ 89 लाख राशि के गबन का आरोप लगाया है।

अरुण सिसोदिया ने पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने मित्र और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनितिक सलाहकार विनोद वर्मा के बेटे की कंपनी टेसू मौडिया लैब गाजियाबाद को 5 करोड़ 89 लाख रूपये बिना प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रभारी महामंत्री की जानकारी और अनुमति के भुगतान किया गया है। जबकि कोषाध्यक्ष को कार्यादेश जारी करने अनुमति नहीं और पार्टी बायलोज के अनुसार प्रदेश कार्यकारणी में प्रस्ताव लाकर पास करना आवश्यक है और प्रदेश अध्यक्ष के नोट शीट ऐपुवल लिया जाना जरूरी है।

 



 

अरुण सिसोदिया ने पत्र आगे कहा कि सरकार आने के बाद भी संगठन को किसी प्रकार आर्थिक सहयोग नहीं दिया जाता था हमारे द्वारा कई बार बैठक में और प्रभारी कुमारी सैलजा से अनुरोध करने के बावजूद ब्लाक अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को संगठन के कार्य करने 5-10 हजार रूपये तक नहीं दिया गया पर अपने परिवार के लोगों को एक कमरे में बैठकर कार्यादेश और गवाह निजी लोगों को बनाकर भुगतान कर दिया गया।

साथ ही उन्होंने PCC चीफ से मनमानी करने वालों को पार्टी से बाहर करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि हार के जिम्मेदार लोगो को सक्रिय राजनीति व पार्टी से दूर रखा जाए तभी पाटी का उत्थान संभव है।

उल्लेखनीय है कि रामगोपाल अग्रवाल वही शख्स हैं जिनके ऊपर कोयला ट्रांसपोर्टर्स से 25 रुपये प्रति टन की दर से कमीशन लेने का आरोप है। बीते दिनों ईडी ने रामगोपाल अग्रवाल के कई ठिकानों पर दबिश भी दी थी, जिसके बाद वो लंबे समय से फरार हैं. वहीं, अब पार्टी के ही नेता ने रामगोपाल अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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