सामूहिक विवाह आधुनिक समाज की आवश्यकता है: बृजमोहन अग्रवाल - CG Sandesh

सामूहिक विवाह आधुनिक समाज की आवश्यकता है: बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर :- सामूहिक विवाह समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। यह शादियों को किफायती बनाने, सामाजिक बुराइयों को कम करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह विचार रायपुर लोकसभा से भाजपा उम्मीदवार बृजमोहन अग्रवाल ने सतनामी सामूहिक आदर्श विवाह समारोह के दौरान व्यक्त किए।

राजधानी के न्यू राजेंद्र में आयोजित समारोह में श्री अग्रवाल ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। अग्रवाल ने कहा कि, आज के समाज में सामूहिक विवाह एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। शादियों में बढ़ते खर्चों ने आम लोगों के लिए शादी करना मुश्किल बना दिया है। दिखावा और प्रतिस्पर्धा ने शादियों को बोझिल और महंगा बना दिया है। सामूहिक विवाह इस समस्या का एक प्रभावी समाधान है


सतनामी समाज हमेशा से ही सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक आदर्श पेश करता रहा है। परम पूज्य गुरु बाबा घासी दास ने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लोगों को एक किया उनके बताए रास्ते पर चलकर सभ्य समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर, श्रीमती शकुंतला, श्रीमती रजनी डाण्डे श्री एसपी घृतलहरे जी (संरक्षक), बीआ बंजारे संरक्षक, जेबी बंजारे- अध्यक्ष, दिनेश खुटे उपाध्य पृथ्वी राज बघेल, सुश्री अंजली बरमाल, कृष्णा बरमार, बबलु , सुभाष कोसरे, शंकुतला बंजारे, राजेंद्र बंजारे, रघुनाथ भरद्वाज, अशोक, हरीश बंजारे, कृष्णा कसले समेत समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें