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CG - मोदी का सेना की वर्दी पहन कर वोट मांगना अलोकतांत्रिक, सेना का अपमान - दीपक बैज

 मोदी का सेना की वर्दी पहन कर वोट मांगना अलोकतांत्रिक, सेना का अपमान - दीपक बैज

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत कर कहा भाजपा के होर्डिगों को जप्त कर कड़ी कार्यवाही करें

मोदी में साहस नहीं कि नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई, रोजगार पर वोट मांगे

रायपुर : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा में साहस नहीं कि वह मोदी सरकार के 10 सालों के काम के आधार पर लोकसभा चुनाव में वोट मांग सके इसीलिये भाजपा ने नरेंद्र मोदी के सशस्त्र बलो का यूनिफार्म पहने वाला फोटो लगा कर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर वोट अपील किया है। यह मोदी और भाजपा की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण है कि जिस दल ने 10 सालों तक देश की सत्ता संभाली हो उसे चुनाव में वोट लेने के लिये सेना की वर्दी का सहारा लेने की जरूरत पड़ रही है। यह सेना का भी अपमान है।


समूचा देश अपनी सेनाओं पर गर्व महसूस करता है। आजादी के बाद से ही देश की सरकारों ने अपने सेनाओं की सशक्तिकरण के लिये लगातार प्रयास किया तभी आज भारत की सेना दुनिया की उत्कृष्ट सैन्य बलों में से एक मानी जाती है। सेना के नाम पर वोट मांगना देश के लोकतंत्र के लिये भी घातक है। यह भाजपा और मोदी की फासीवादी सोच का नतीजा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सेना की वर्दी पहन कर वोट अपील करना प्रजातंत्र को मुंह चिढ़ाने के समान है तथा भारत की जनता के सेना के प्रति अटूट भरोसे का राजनीतिकरण करना है। भारतीय जनता पार्टी के इस कृत्य की कांग्रेस ने कड़ी निंदा करते हुये राज्य निर्वाचन आयोग से भी शिकायत कर भाजपा के इन होर्डिगों को तत्काल हटाने तथा सेना के वर्दी के दुरूपयोग करने के लिये भाजपा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का आग्रह किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी और भाजपा में साहस हो तो नोटबंदी के नाम पर वोट मांगे, जीएसटी के नाम पर वोट मांगने का पोस्टर जारी करे, बेरोजगारी, महंगाई कम करने, किसानों की आय दुगुनी करने के वादे के नाम पर वोट मांगने का साहस दिखायें। विदेश से कालाधन लाये इसके आंकड़े जारी करके वोट मांगने का साहस दिखायें। अच्छे दिन लाने के नाम पर पोस्टर जारी कर वोट मांगे तो जनता इनको जवाब दें।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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