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राधिका खेड़ा को मिलेगा न्याय या सुशील आनंद की होगी जीत? मामले में दीपक बैज ने दिया बड़ा अपडेट,जानिए

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस नेत्री राधिका खेड़ा के साथ हुई बदसलूकी के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में एआईसीसी के निर्देश के बाद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने दोनों पक्षों से बात कर रिपोर्ट भेज दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एआईसीसी जैसा निर्देश देगी, उसके अनुसार काम करेंगे। बता दें कि राधिका खेड़ा ने संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया था।

बता दें कि राधिका खेड़ा से बदसलूकी का मामला गरमाने के बाद हाल ही में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को पत्र लिखकर मामले की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। आईसीसीसी से लेटर मिलने के बाद दीपक बैज ने दोनों ने 121 चर्चा की और रिपोर्ट भेज दी है। अब देखना होगा कि एआईसीसी इस पूरे मामले में क्या एक्शन लेती है।


वहीं, दूसरी ओर राधिका खेड़ा से बदसलूकी के मामले में भाजपा नेताओं की बयानबाजी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। मामले में आज पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने जमकर हमला बोला है। अजय चंद्राकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामले की जांच सिर्फ एक औपचारिकता है। कांग्रेसियों ने एक महिला के साथ अपमानजनक व्यवहार किया है। राधिका खेड़ा इतनी असुरक्षित हो गई कि वे पीसीसी चीफ के पास जाने के लिए अपनी मां को लेकर गई। उनके साथ जो हुआ वो कांग्रेस की संस्कारहीनता है। महिलाओं के साथ कैसे व्यवहार करें यह कांग्रेस को नहीं पता। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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