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जल उपलब्धता के आधार पर लिया गया निर्णय...सिकासार जलाशय का गेट 10 मई से होगा बंद

० जलाशय में 26.91 प्रतिशत ही जल बाकी

गरियाबंद। सिकासार जलाशय से रबी फसल सिंचाई के लिए, राजिम मेला एवं निस्तारी हेतु 1 जनवरी 2024 से निरंतर पानी प्रदाय किया जा रहा है। जलभराव क्षमता के विरुद्ध जलाशय में उपलब्ध जल को ध्यान में रखते हुए 10 मई से सिकासार जलाशय का गेट बंद कर दिया जाएगा। कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग गरियाबंद ने बताया कि सिकासार जलाशय की जलभराव क्षमता 198.88 मि.घ.मी. है। 2 मई 2024 की स्थिति में जलाशय में 53.54 मि.घ.मी. जल उपलब्ध है, जो कि जलाशय के पूर्ण जलभराव का मात्र 26.91 प्रतिशत है। चूँकि आगामी खरीफ फसल वर्ष 2024- 25 हेतु गरियाबंद, धमतरी जिले के लिए 38.00 मि.घ.मी. एवं माह मई 2024 में निस्तार के लिए पानी आरक्षित रखा जाना है। इस हेतु कलेक्टर दीपक अग्रवाल द्वारा जलाशय में उपलब्ध जल के आधार पर पानी बंद किए जाने का निर्देश दिया गया। अतः जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सिकासार जलाशय का गेट 10 मई से बंद किया जाएगा।

 


उल्लेखनीय है कि जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक 23 जनवरी 2024 को कलेक्टर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। बैठक में उपस्थित राजिम विधायक रोहित साहू एवं बिन्द्रानवागढ़ के विधायक जनक ध्रुव तथा अन्य सदस्य अधिकारीगण द्वारा सिकासार जलाशय से रबी फसल हेतु पैरी दांयी तट मुख्य नहर से 2625 हेक्टेयर एवं लघु जलाशय से 838 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी दिये जाने की सहमति व्यक्त की गई। सिकासार जलाशय से रबी फसल, राजिम मेला एवं निस्तारी हेतु 1 जनवरी 2024 से निरंतर पानी प्रदाय किया जा रहा है। पैरी दांयी तट नहर से गरियाबंद जिले के छुरा एवं फिंगेश्वर विकासखण्ड के 14 ग्रामों के 19 तालाबों एवं धमतरी जिले के मगरलोड़ विकासखण्ड के 28 ग्रामों के 49 तालाबों में निस्तारी हेतु पानी भरा गया है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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