54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार 2018 अमिताभ घोष को दिया जाएगा
इस वर्ष के ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए अंग्रेजी के जाने-माने लेखक अमिताभ घोष को चुना गया है. अपने उपन्यासों में श्री घोष ने इतिहास को आधुनिक युग के परिपेक्ष्य में प्रस्तुत किया है. उनके मशहूर उपन्यासों में - शैडो ऑफ लाइन्स, द ग्लास पैलेस, रिवर ऑफ स्मोक्स और फ्लड ऑफ फॉयर शामिल हैं.
पहली बार ज्ञानपीठ का पुरस्कार किसी अंग्रेज़ी के लेखक को दिया गया है. ज्ञानपीठ पुरस्कार दूसरी भारतीय भाषाओं के लेखकों को मिलता रहा है मगर अंग्रेज़ी के लेखकों को कभी नहीं मिला था.
श्री घोष को पद्मश्री और साहित्य अकादमी पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है.
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