
फ्लेक्सी कैप कैटेगरी में पहली बार पैसिव फंड – फायदे और चुनौतियाँ
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पहली बार फ्लेक्सी कैप सेगमेंट में पैसिव इन्वेस्टमेंट का रास्ता खुला है। अब निवेशक भी बिना एक्टिव मैनेजमेंट के इस कैटेगरी का फायदा उठा सकते हैं। फ्लेक्सी कैप फंड्स की सबसे बड़ी खूबी यही है कि ये लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप – तीनों तरह के शेयरों में निवेश की आज़ादी देते हैं। इसमें किसी तय सीमा का बंधन नहीं होता, यानी बाज़ार के हिसाब से पोर्टफोलियो को आसानी से बदला जा सकता है।
डीएसपी म्यूचुअल फंड ने इस दिशा में पहला कदम उठाते हुए डीएसपी निफ्टी 500 फ्लेक्सीकैप क्वालिटी 30 इंडेक्स फंड लॉन्च किया। यह नया फंड ऑफर (NFO) 8 अगस्त से 22 अगस्त 2025 तक निवेश के लिए खुला था। खास बात यह है कि इसमें कोई लॉक-इन पीरियड नहीं है, एग्जिट लोड शून्य है और न्यूनतम निवेश सिर्फ ₹100 से शुरू किया जा सकता है। यहां तक कि SIP भी इतनी ही राशि से शुरू हो सकती है।
निवेश रणनीति
इस स्कीम का पोर्टफोलियो बिल्कुल संतुलित रखा गया है – लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, हर कैटेगरी से 10-10 स्टॉक्स। मार्केट की स्थिति के आधार पर इन तीनों का अनुपात बदलता रहेगा। अगर स्मॉल और मिडकैप में तेजी होगी, तो इनका वज़न बढ़कर 67% तक हो जाएगा और लार्जकैप का हिस्सा घटकर 33% रह जाएगा। इसके उलट स्थिति में लार्जकैप का वज़न बढ़ जाएगा।
खर्च और प्रबंधन
फंड का रेगुलर प्लान 1% और डायरेक्ट प्लान सिर्फ 0.3% खर्च अनुपात (Expense Ratio) के साथ आता है। इस स्कीम का प्रबंधन अनिल घेलानी और दीपेश शाह कर रहे हैं। क्वालिटी फिल्टर के कारण यह फंड कमज़ोर और जोखिम भरे शेयरों से बचने में मदद करता है।
रिटर्न और परफॉर्मेंस
बैक-टेस्टेड डेटा के मुताबिक, 2009 से 2025 तक इस इंडेक्स ने 3 और 5 साल की अवधि में औसतन 19% रिटर्न दिया है, जबकि निफ्टी 500 TRI का रिटर्न लगभग 13% ही रहा। यानी क्वालिटी + मोमेंटम का कॉम्बिनेशन लंबे समय में बेहतरीन परिणाम दे सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फंड में SIP के ज़रिए निवेश करना सबसे सुरक्षित तरीका है। स्मॉल और मिडकैप शेयरों का वैल्यूएशन फिलहाल ऊँचा और उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। SIP निवेशकों को समय के साथ औसत लागत कम करने और हाई प्राइस पर खरीदने के जोखिम से बचने का मौका देता है।