महासमुंद : राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक संपन्न
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव के निर्देशानुसार आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले के सभी विकासखंड के कुष्ठ नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला नोडल अधिकारी कुष्ठ कार्यक्रम डॉ. वी. पी. सिंह द्वारा की गई। बैठक में जिले में कुष्ठ रोग नियंत्रण एवं उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डॉ. सिंह ने बताया कि नए मरीजों के लिए यूनिफॉर्म लाइन लिस्ट (यू.एल.पी.-4) प्रपत्र अनिवार्य रूप से भरकर समय पर जमा किया जाए। साथ ही संपर्क रोगनिरोधक दवा कवरेज (पी.ई.पी.) को वर्तमान 82 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देशानुसार सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 10 कुष्ठ संभावित मरीज निकालने के लक्ष्य दिया गया।
सभी उपचाररत मरीजो को फॉलो अप करते हुए सभी मरीजो को (यु एल एफ -04 फॉर्मेट ) डिसेबिलिटी एंड नर्व फंक्शन जांच अनिवार्य से करने का निर्देश दिया गया। बैठक में मधुराज फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा कुष्ठ रोग से संबंधित देखभाल, व्यायाम तथा विकृति रोकथाम के विषय में लाइव डेमो के माध्यम से उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
डॉ. सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोगियों को शासन द्वारा पोषण सहायता के रूप में 750 रुपए प्रति माह की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जा रही है। इस हेतु सभी मरीजों के बैंक खाते एवं आधार विवरण अद्यतन कर भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विकृति के मामलों में रोगियों को आवश्यक जानकारी, परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराने तथा समय पर उपचार एवं संदर्भ (रेफरल) सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एकेश्वर शुक्ला एवं बी एल साहू जिला सलाहकार द्वारा जिले की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में महासमुंद जिले में कुल 511 प्रकरण, 19 बच्चे के प्रकरण, तथा ग्रेड-2 विकृति के 21 प्रकरण दर्ज हैं।