केंद्रीय कर्मचारियों की अब 8वें वेतन आयोग पर नजर, 65000 रुपये हो न्यूनतम वेतनमान
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवां वेतन आयोग एक्शन मोड में आ चुका है। वेतन आयोग की ओर से ताबड़तोड़ मीटिंग की जा रही है। इसी कड़ी में पुणे में महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों के साथ वेतन आयोग की मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में कई डिमांड की गई।
महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने 8वें वेतन आयोग के तहत सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कम से कम 65,000 रुपये की बेसिक सैलरी और 3.8 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की। उनकी कई अन्य मांगें भी थीं, जिनमें महंगाई भत्ते (DA) में कम से कम 4% की गारंटीड बढ़ोतरी, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) की लिमिट बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, प्रमोशन और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल लोगों को भी वेतन आयोग के फायदे देना शामिल है।
फैमिली यूनिट की परिभाषा में बदलाव की मांग:
चूंकि वेतन आयोग में कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर तय करते समय फैमिली यूनिट्स की संख्या अहम विषय है। इसलिए महाराष्ट्र पेंशन निकाय ने 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में मौजूदा फैमिली यूनिट की गिनती में माता-पिता को भी शामिल करने और इस संख्या को मौजूदा 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने की मांग की है।
₹65000 के न्यूनतम वेतन की मांग
मौजूदा शुरुआती मूल वेतन ₹18,000 से बढ़ाकर ₹65,000 करने की मांग की गई है। पुरानी पेंशन संस्था का कहना है कि उसने न्यूनतम वेतन की सिफारिश 'एक्रॉयड फॉर्मूला' और एक वास्तविक पारिवारिक इकाई के आधार पर की है।
महाराष्ट्र पेंशन संस्था ने फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाने की मांग की है। 7वें वेतन आयोग के तहत 2.57 से बढ़ाकर 3.8 करने की डिमांड है। हर DA संशोधन में न्यूनतम 4% बढ़ोतरी की मांग की है और DA को 50% पर मूल वेतन के साथ अपने आप मिला देने की मांग है।
महाराष्ट्र पेंशन संस्था ने HRA को DA से जोड़ने की व्यवस्था खत्म करने और X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए मौजूदा HRA दरों (10%, 20% और 30%) को बढ़ाकर क्रमशः 12%, 24% और 36% करने की भी मांग की है। इसके अलावा, यात्रा भत्ता (TA) में बढ़ोतरी की मांग की गई है।
एनुअल इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग की गई है। वहीं, महाराष्ट्र पेंशन संस्था ने देश भर में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले लगभग 85 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने की मांग की है। NPS के लिए संस्था का कहना है कि सरकार को कम से कम 10% का गारंटीड रिटर्न देना चाहिए और एम्प्लॉयर का योगदान बढ़ाकर 18.5% करना चाहिए।