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महासमुंद : सही दवा शुद्ध आहार अभियान के तहत जिले में कार्रवाई जारी, 30 चालान काटे गए

छत्तीसगढ़ शासन के अभियान सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के प्रभावी एवं परिणामोन्मुख क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में खाद्य प्रकोष्ठ एवं औषधि प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। डॉ. आई. नागेश्वर राव, उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में जन जागरूकता एवं प्रवर्तन कार्रवाई लगातार संचालित की जा रही है।

औषधि प्रकोष्ठ के अंतर्गत गठित संयुक्त दल की नोडल अधिकारी  तृप्ति जैन सहायक औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में निर्धारित कार्ययोजना के तृतीय चरण के तहत विगत दो दिवस 06 एवं 07 मई 2026 को बागबाहरा विकासखंड एवं महासमुंद ग्रामीण क्षेत्र में कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के तहत विशेष अभियान चलाया गया। 

अभियान के दौरान औषधि निरीक्षक अवधेश भारद्वाज एवं अखिलेश पाण्डेय द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में स्थित दुकानों एवं सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध, नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर रोक तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित करने संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पर 30 चालान काटे गए। 

संयुक्त दल द्वारा दुकानदारों एवं संचालकों को धूम्रपान निषेध एवं नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद नहीं बेचने संबंधी सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर माचिस, लाइटर, ऐश ट्रे जैसी धूम्रपान को बढ़ावा देने वाली वस्तुएं उपलब्ध नहीं कराने की समझाइश भी दी गई। शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रखने तथा नाबालिगों को किसी भी परिस्थिति में तंबाकू उत्पाद नहीं बेचने के सख्त निर्देश दिए गए। आम नागरिकों को भी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया।

इसी क्रम में 08 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय महासमुंद के सभागार में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस, ड्रग एब्यूज एवं नशा मुक्ति विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में औषधि निरीक्षक अवधेश भारद्वाज, अखिलेश पाण्डेय तथा स्वास्थ्य विभाग के डॉ. छत्रपाल चन्द्रकार, नोडल एनटीसीपी एवं नर्सिंग होम एक्ट शाखा द्वारा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं आमजन को जागरूक किया गया।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बिना चिकित्सकीय सलाह दवाओं का सेवन नहीं करने, स्वयं दवाओं में बदलाव नहीं करने तथा एंटीबायोटिक कोर्स अधूरा नहीं छोड़ने की समझाइश दी। कार्यक्रम में जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यशाला के सफल आयोजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का विशेष सहयोग रहा।


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