शिव भैरम सेवा समिति ने आयोजित किया भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह, वरिष्ठ नागरिकों और कलाकारों का हुआ सम्मान
जगदलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिव भैरम सेवा समिति द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभक्ति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामाजिक सम्मान की झलक देखने को मिली। समारोह की शुरुआत वार्ड के वरिष्ठ नागरिक एवं पूर्व उत्कल समाज अध्यक्ष उमाकांत दास द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई।
कार्यक्रम में सुबह बच्चों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं शाम को शहर के कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत शानदार प्रस्तुतियां देकर लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुकमा जमींदार परिवार के कुमार जयदेव रहे। वहीं MIC सदस्य निर्मल पानीग्राही, त्रिवेणी रंधारी और कुबेर देवांगन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
समारोह में बच्चों और कलाकारों को अतिथियों के हाथों पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों का नागरिक अभिनंदन करते हुए उन्हें शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि कुमार जयदेव ने वार्डवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिव भैरम वार्ड के गौरवशाली इतिहास, परंपरा और विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने वार्ड से अपने परिवार के पुराने और आत्मीय संबंधों को याद करते हुए बचपन की स्मृतियां भी साझा कीं।
कुमार जयदेव ने अपने छोटे भाई एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के दिल्ली में दुर्घटना के बाद चल रहे उपचार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में वार्डवासियों का स्नेह और आशीर्वाद उनके परिवार के साथ बना हुआ है।
उन्होंने शिव भैरम वार्ड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए रियासत काल में राजगुरु, राजपुरोहित, राजवैद्य, राजज्योतिषी और दीवान जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे व्यक्तित्वों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वार्ड केवल एक स्थान नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और समृद्ध विरासत को संजोए हुए है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथि कुमार जयदेव को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन को सफल बनाने में शिव भैरम सेवा समिति के असीम दास, मथुरा प्रसाद तिवारी, रमेश पानीग्राही, नरसिंह तिवारी, सुरेश दास, आनंद मिश्रा एवं उत्कल समाज के सचिव सुमीत महापात्र सहित समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।