बच्चों का भविष्य संवार रहे प्रशिक्षक, खुद भविष्य की चिंता में; तीन माह से मानदेय लंबित
खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ जिला केसीजी ने 16 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ जिलाध्यक्ष मिथलेश पटेल ने बताया कि जिले के 24 स्कूलों समेत प्रदेश के 1,285 स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल सिखाने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षकों की स्थिति चिंताजनक है। कई प्रशिक्षकों का तीन माह से मानदेय लंबित है।
संघ ने ठेका पद्धति समाप्त कर प्रशिक्षकों को विभागीय व्यवस्था में समायोजित करने, 38,100 रुपये मासिक मानदेय, वार्षिक इंक्रीमेंट और समय पर भुगतान की मांग की। इसके अलावा PAB के अनुसार 1,000 रुपये मासिक वृद्धि की एरियर्स राशि, मई-जून का लंबित भुगतान और इंडस्ट्रियल विजिट व गेस्ट लेक्चर की बकाया राशि जारी करने की मांग भी रखी गई।
संघ ने 478 विद्यालयों में तत्काल प्रशिक्षकों की नियुक्ति, 20 दिन आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा एवं मातृत्व अवकाश और ग्रीष्मकालीन अवकाश की सुविधा देने की मांग की है। प्रशिक्षकों का आरोप है कि उनसे प्रशिक्षण के अलावा गैर-व्यावसायिक कार्य भी कराए जाते हैं। महिला प्रशिक्षकों ने मातृत्व अवकाश नहीं मिलने की समस्या भी उठाई।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो प्रशिक्षक उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।