MCB : गोहड़ारी नदी का जर्जर पुल बना खतरा, 70 फीसदी क्षतिग्रस्त
तेज जलप्रवाह से पुल के पियर क्षतिग्रस्त, आवागमन पर संकट
एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र में गोहड़ारी नदी पर बना करीब 50 साल पुराना पुल अब राहगीरों के लिए खतरा बन गया है। बीती रात तेज जलप्रवाह के चलते पुल के ऊपर दो से तीन फीट पानी बहा, जिससे पत्थर से बने पियर क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक पुल करीब 70 फीसदी तक क्षतिग्रस्त हो चुका है।
शहडोल-जनकपुर मुख्य मार्ग पर लगा लंबा जाम
गोहड़ारी नदी का यह पुल शहडोल-जनकपुर मुख्य मार्ग को जोड़ता है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक राहगीरों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। छोटे वाहन भी क्षतिग्रस्त पुल से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही से हादसे का खतरा बना हुआ है।
बैरिकेडिंग कर विभाग ने शुरू की मरम्मत की तैयारी
स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों की आवाजाही रोकने, मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है। वहीं पीडब्ल्यूडी एसडीओ राम प्रसाद चौधरी ने बताया कि पुल 50 वर्ष से अधिक पुराना है और तेज जलप्रवाह से इसके पियर क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभाग मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार कर रहा है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग की गई है और उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगामी एक-दो माह में मरम्मत कार्य कराने की बात कही गई है।
भारी वाहनों पर रोक की मांग
फिलहाल पुल की जर्जर हालत को देखते हुए स्थानीय लोगों ने मरम्मत पूरी होने तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। अब प्रशासन के सामने पुल की सुरक्षा और शहडोल-जनकपुर मार्ग पर आवागमन सामान्य करने की चुनौती है।