आदिवासी कला केन्द्र मैदान को लेकर विरोध तेज, व्यवसायिक परिसर बनाने की योजना पर आपत्ति
अंबिकापुर : आदिवासी कला केन्द्र मैदान को व्यवसायिक परिसर और पार्क के रूप में विकसित किए जाने की कवायद को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। सर्व आदिवासी समाज ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मैदान को व्यावसायिक गतिविधियों से मुक्त रखने की मांग की है। समाज का कहना है कि यह मैदान आदिवासी लोककला, संस्कृति और सामाजिक आयोजनों की महत्वपूर्ण पहचान है।
सरगुजा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ पांचवीं अनुसूची क्षेत्र भी है। आदिवासी कला केन्द्र मैदान में लंबे समय से विभिन्न आदिवासी समुदायों के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। ऐसे में मैदान को व्यवसायिक परिसर और पार्क में तब्दील करने की योजना से आदिवासी समाज में नाराजगी है।
सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि यदि मैदान का मौजूदा स्वरूप खत्म किया गया तो पारंपरिक सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए प्रमुख स्थान नहीं बचेगा। समाज ने आदिवासी कला केन्द्र मैदान को व्यावसायिक गतिविधियों से मुक्त रखते हुए सर्व आदिवासी समाज को हैंडओवर करने की मांग की है।
समाज ने प्रशासन और नगर निगम से मैदान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है। अब आदिवासी समाज की आपत्ति के बाद निगम और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।