25 साल बाद भी दिखा नव आरक्षक सा जोश, रजत जयंती में ताजा हुईं पुरानी यादें
राजनांदगांव : वर्दी का रिश्ता ऐसा होता है, जो सालों बाद भी अपनी पहचान नहीं खोता। राजनांदगांव शहर की आठवीं बटालियन में 2001 बैच के जवानों ने सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह मनाया। इस खास मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बैच के साथी एक बार फिर एक जगह जुटे। 25 साल बाद मिले इन साथियों के चेहरों पर वही उत्साह नजर आया, जो कभी भर्ती के पहले दिन दिखाई दिया था।
छत्तीसगढ़ प्रदेश के गठन के बाद पहली बटालियन बनने का गौरव हासिल करने वाली आठवीं वाहिनी सशस्त्र बल के वर्ष 2001 बैच के जवानों ने अपनी सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने पर यह आयोजन किया। समारोह में बड़ी संख्या में बैच के पुराने साथी शामिल हुए। इनमें कुछ ने अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए प्रोफेसर का पद हासिल किया, तो कोई सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और DSP जैसे पदों तक पहुंचा।
खास बात यह रही कि अलग-अलग पद और जिम्मेदारियों पर पहुंचने के बावजूद समारोह में सभी अपने ओहदे भूलकर एक बार फिर नव आरक्षक की तरह नजर आए। साथी एक-दूसरे से गले मिले और पुरानी यादों को साझा करते हुए भावुक भी हुए। जवानों ने कहा कि 25 साल का यह सफर पूरा करने के बाद एक साथ मिलना ऐसा लग रहा है, जैसे भर्ती का पहला दिन फिर लौट आया हो।
समारोह में 2001 बैच के उन साथियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने सेवा के दौरान वीरगति प्राप्त की। इसके साथ ही दिवंगत साथियों को नमन करते हुए उनकी यादों को साझा किया गया। कार्यक्रम में सभी साथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।
रजत जयंती समारोह के अवसर पर रैली भी निकाली गई। इसमें सभी जवान पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए और देशभक्ति गीतों पर जमकर उत्सव मनाया। 25 साल बाद एक साथ आए इन जवानों का यह मिलन सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि दोस्ती, अनुशासन और साथ बिताए सफर की यादों को फिर से जीने का खास मौका बन गया।