बोड़ला में करीब 8 गौवंशों की मौत से आक्रोश, गौसेवकों ने NH-30 किया जाम
बोड़ला : नगर बोड़ला क्षेत्र में करीब आठ गौवंशों की मौत की घटना सामने आने के बाद गौसेवकों में आक्रोश देखने को मिला। नाराज गौसेवकों ने बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। अचानक किए गए प्रदर्शन के चलते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लगातार गौवंशों की मौत की घटनाओं को लेकर गौसेवकों में पहले से नाराजगी थी। करीब आठ गौवंशों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में गौसेवक मौके पर एकत्रित हुए और अपनी नाराजगी जताते हुए हाईवे पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
गौवंशों की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
गौसेवकों का कहना था कि क्षेत्र में गौवंशों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। उनका आरोप है कि नगर और हाईवे क्षेत्र में आवारा घूमने वाले गौवंशों के कारण लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार गौवंश हादसों का शिकार हो जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की जा रही है।
गौसेवकों ने प्रशासन से मांग की कि हाईवे और नगर क्षेत्र में घूमने वाले गौवंशों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाएं, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला हाईवे
हाईवे पर चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा। स्थिति को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी और थाना प्रभारी ने प्रदर्शन कर रहे गौसेवकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
काफी देर तक अधिकारियों और गौसेवकों के बीच चर्चा का दौर चलता रहा। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाइश देते हुए व्यवस्था बनाए रखने और जाम समाप्त करने की अपील की। प्रशासन की समझाइश के बाद गौसेवकों ने हाईवे से जाम हटा लिया।
जाम खुलने के बाद फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और पुलिस की मौजूदगी में यातायात को व्यवस्थित कराया गया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
चक्काजाम से दोनों ओर लगी वाहनों की कतार
गौसेवकों के प्रदर्शन के चलते NH-30 पर कुछ समय तक वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। हाईवे के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतार दिखाई दी। यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम हटने के बाद पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया।
स्थायी व्यवस्था की मांग
करीब आठ गौवंशों की मौत की घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में गौवंशों की सुरक्षा और संरक्षण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौसेवकों ने मांग की है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय गौवंशों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
फिलहाल प्रशासन की समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त हो गया है, लेकिन गौवंशों की मौत को लेकर गौसेवकों में नाराजगी बनी हुई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से गौवंशों की सुरक्षा के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।