सरगुजा : नगर पंचायत बनाने की कवायद के बीच ग्रामीणों का विरोध, विशेष ग्राम सभा में जताई आपत्ति
सरगुजा : जिले के उदयपुर विकासखंड क्षेत्र को नगर पंचायत बनाने की कवायद के बीच अब विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नगर पंचायत गठन को लेकर प्रशासन की ओर से आयोजित विशेष ग्राम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 400 लोगों ने नगर पंचायत गठन के विरोध में अपनी बात रखी और कहा कि वे नगर पंचायत में शामिल नहीं होना चाहते।
दरअसल, उदयपुर क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष ग्राम सभा बुलाई गई थी। इसमें महिला और पुरुष ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर नगर पंचायत गठन का विरोध किया और प्रशासन से मांग की कि उनकी सहमति के बिना क्षेत्र को नगर पंचायत में शामिल नहीं किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है। ऐसे में नगर पंचायत गठन से पहले स्थानीय लोगों की राय और आपत्तियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में 600 से अधिक मतदाता हैं, जिनमें से करीब 400 लोग नगर पंचायत के प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि क्षेत्र की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव करने से पहले स्थानीय स्तर पर लोगों की सहमति ली जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि ग्रामीणों की आपत्तियों और ग्राम सभा में सामने आए मत को ध्यान में रखते हुए ही आगे की प्रक्रिया तय की जाए।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर अंबिकापुर विधायक और छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने अलग पक्ष रखा है। मंत्री का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा ग्रामीणों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने बताया कि रामगढ़ महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री के सामने क्षेत्र को नगर पंचायत बनाने की मांग रखी गई थी और उसी मांग के अनुरूप प्रशासन की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि दूसरे दल से जुड़े कुछ लोग ग्रामीणों को भ्रमित कर नगर पंचायत गठन का विरोध करा रहे हैं। ऐसे में अब विशेष ग्राम सभा में सामने आई ग्रामीणों की आपत्ति और प्रशासन की ओर से चल रही प्रक्रिया के बीच नगर पंचायत गठन को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।