दहेज के लोभी ससुराल वालों ने मांगे 5 लाख, नहीं देने पर दी तलाक देने की धमकी
अंबिकापुर के महिला थाने में पति, सास व ससुर द्वारा एक महिला को दहेज के लिए 5 लाख रूपये की मांग कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, यहाँ तक कि महिला के ससुराल वालों ने उसे और उसके पति को ससुराल से निकाल कर अपने अलग मकान में रहने के लिये भेज दिया था. इसके बाद गर्भावस्था में उसका डॉक्टर से चेकप नहीं कराया गया जिसके कारण उसका गर्भपात हो गया और जिसके इलाज के लिए महिला के पिता से पैस मांगे गए और फिर महिला को घर से धक्के मारकर बहार निकाल दिया गया.
महामाया रोड अम्बिकापुर की निवासी प्रीति गुप्ता पति आशीष शा ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताडऩा को लेकर गंभीर आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि वर्ष 2017 में उसका विवाह आशीष निवासी विशाल नगर ग्रीन वैली तेलीबांधा रायपुर हुआ. विवाह के अवसर पर उसके ससुराल वालों की मांग पर उसे 2 दो लाख रूपये नगद बतौर तिलक के लिये एवं 6 छ: लाख रूपये नगद दहेज के सामान के लिये एवं जेवर दिया गया था.
विवाह के लगभग दो माह पश्चात् उसके सभी जेवर को उसकी सास द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से लकर में अपने पास रखवा दिया. महिला ने बताया है कि विवाह के पश्चात् लगभग चार पांच माह तक वह अपने ससुराल में ठीक ठाक से रही उसके बाद जब उसके पति का दवा दुकान बंद हो गया तब से उसके सास ससुर एवं पति ने उसके साथ शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
इसके बाद महिला के सास ससुर एवं पति उसे कहने लगे कि तुम मनहूस हो तुम्हारे आने से हमलोग बरबाद हो गये तेरे बाप ने विवाह में जेवर भी कम दिये है, गृहस्थी का कोई सामान भी नहीं दिये इसलिये तुम अपने मायके से पांच लाख रूपये लेकर आने को कहा जिससे वह अपने बेटा का नया बिजनेस शुरू करवाना चाहती थी.
महिला ने बताया है कि पैसा नहीं लाने पर उसकी सास उसे तलाक करवा कर बेटे की दूसरी शादी करवा दूंगी कहती थी. और इसी बात को लेकर उसके सास ससुर एवं पति उसे गाली गलौज एवं मारपीट करते थे.
महिला ने बताया कि उसकी सास उसे माह में जबरजस्ती सात आठ दिन उपवास करवाती थी जिससे मैं कमजोर हो गई और बिमार रहने लगी. और फिर मई 2019 में उसकी सास ने उसे एवं उसके पति को ससुराल से निकाल कर खुशीवाटिका कलोनी के मकान में रहने के लिये भेज दिया गया. इसी बीच महिला गर्भवती हो गई और वह अपने पति से कई बार डक्टर से चेकप कराने बोली. मगर उसका पति ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने में देरी कर दी जिससे डक्टर ने चेकप कर बताया कि आप गर्भवती हो किन्तु आप लोगो ने चेकप कराने में देरी कर दी जिससे बच्चे का हर्ट बीट नहीं बता रहा है.
इसके बाद महिला का गर्भपात हो गया और उसके ससुराल वालों के ईलाज कराने के लिये सक्षम होने के बावजूद भी महिला के पिता से दस हजार रूपये की मांग किये जिससे महिला के पिता ने उनके बैंक खाते में पैसा डाल दिये.
इसके बाद महिला के पति द्वारा जुलाई 2019 में उसे मायके में छोड़ दिया गया और जब वह ठीक होकर वापस अपने ससुराल अपने पिता के साथ गई तो उसके ससुरालवालों ने बोले कि तुमको नहीं रखेगे तलाक देगे कहकर महिला को धक्के मार कर घर से बाहर निकाल दिया.
महिला की शिकायत पर अंबिकापुर जिले के महिला थाने में आशीष् शा , शशांक शेखर शा , प्रीति बाला शा के विरुद्ध अपराध धारा 34-IPC, 498-A-IPC पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.