छत्तीसगढ़ की घटना:-घर के टाइल्स के नीचे नागिन से लिपटे मिले 25 कोबरा…..!
कोरबा। रात का भोजन कर जब एक परिवार बर्तन समेट सोने की तैयारी कर रहा था, तब रसोईघर में सांप के दो बच्चे रेंगते दिखे। डरा-सहमा परिवार घर से बाहर निकल आया और मदद बुलाई। सूचना मिलने पर सर्पमित्र अविनाश यादव मौके पर पहुंचे और कोबरा के दो बच्चों को पकड़ा। जरूरी बात यह थी कि यदि यहां दो बच्चे दिखे हैं, तो बाकी कुनबा कहां है? तलाश करने पर वाश बेसिन के नीचे फर्श पर एक सुराख व उसमें से झांकती दो आंखें दिखाई दी। जब टाइल्स तोड़ा गया तो भीतर 25 संपोले अपनी मां के साथ लिपटे बैठे थे। सभी को एक-एक कर बाहर निकाला गया और वन विभाग के सहयोग से आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया गया।
आधी रात 12 बजे की यह घटना शहर की खरमोरा बस्ती की है। टावर लाइन के करीब स्थित बंगले में भाइयों व बच्चों समेत दस-12 सदस्यों के परिवार के साथ व्यवसायी सुरजीत सिंह निवास करते हैं। रात के वक्त कमरे में सांप के बच्चों को रेंगता देख उन्होंने सर्पमित्र अविनाश से संपर्क किया।
अविनाश ने बताया कि स्पेक्टिकल कोबरा नामक इस प्रजाति को स्थानीय स्तर पर डोमी कहते हैं, जो काले या गेहुंए रंग का होता है। खरमोरा में दिखे सर्प गेहुंआ डोमी था। वनमंडल कोरबा के डीएफओ गुरुनाथन एन के दिशा-निर्देश पर वन अमले की मदद से पकड़े गए कोबरा परिवार को रिस्दी-रजगामार मार्ग से लगे जंगल में छोड़ दिया गया।
यह सर्प भी काफी जहरीला होता है, जिसके काटने पर करैत की तरह ही शरीर में तेजी से जहर फैलता है। समय रहते सर्प की सूचना मिल गई, यदि उन्हें नजरअंदाज कर परिवार सोने चला गया होता, तो सभी बाहर निकलकर पूरे घर में फैल जाते, जो काफी खतरनाक हो सकता था।