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मोदी की तर्ज पर अब ट्रंप ने भी कर डाली चीन पर डिजिटल स्ट्राइक

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump Tik-Tok Ban) ने फैसला कर लिया है कि देश में चीनी वीडियो शेयरिंग ऐप टिक-टॉक को बैन (US Tik Tok Ban) कर दिया जाएगा। इसे लेकर जल्द ही आदेश जारी किया जा सकता है। चीन के साथ बढ़ते तनाव और उसके खिलाफ लगे जासूसी के आरोपों के बीच अमेरिका ने एक बड़ा फैसला किया है। भारत की तर्ज पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फैसला किया है कि देश में चीनी वीडियो शेयरिंग मोबाइल ऐप टिक-टॉक को बैन (US Tik-Tok Ban) कर दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही कार्यकारी निर्देश लाया जाएगा। वहीं, ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि अग्रणी टेक कंपनी Microsoft इसे अमेरिका में ऑपरेशन्स को खरीद सकती है। बता दें कि भारत दो बार में 106 चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन कर चुका है। इसे मोदी की डिजिटल स्ट्राइक कहा जा रहा है।

बताते चलें कि अमेरिकी सेना ने पिछले साल दिसम्बर में अपने सैनिकों के Tik Tok के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी थी. उसने App को सुरक्षा को खतरा बताया था. अमेरिकी नौसेना ने भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए हैं.फरवरी में टिकटॉक एक मामले के निपटारे के लिए अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग को 57 लाख डॉलर देने को भी राजी हुआ था, इसमें टिकटॉक पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों से नाम, ईमेल का पता, उनका स्थान आदि जैसी व्यक्तिगत जानकारी अवैध रूप से एकत्रित करने का आरोप था.

रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्यों ने भी टिकटॉक पर सख्ती की मांग की थी

अमेरिका भारत द्वारा लिए गए कदम की तर्ज पर ही टिकटॉक ऐप को बैन करने की सोच रहा है। इस बाबत 25 सदस्यी अमेरिकी कांग्रेस की टीम ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बाबत एक्शन लेने व अमेरिकी नागरिकों के डाटा को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि टिकटॉक के डाटा से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और भी एडवांस होती है। डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का बारे में AF1 ने बताया है कि जहां तक टिक-टॉक की बात है, उसे अमेरिका में बैन कर दिया जाएगा और हो सकता है कि शनिवार को इसे लेकर कार्रवाई कर दी जाए। इससे पहले ट्रंप ने कहा था, 'हम कुछ और चीजें कर सकते हैं, कई विकल्प हैं लेकिन बहुत सी चीजें हो रही हैं इसलिए हम देखेंगे कि क्या होता है लेकिन हम टिक-टॉक को लेकर कई विकल्प देख रहे हैं। '

माइक्रोसॉफ्ट खरीद सकती है

इस बात की भी चर्चा हो रही है कि टिक-टॉक के अमेरिका में ऑपरेशन मशहूर टेक्नॉलजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट खरीद सकती है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को इस बारे में रिपोर्ट किया था कि माइक्रोसॉफ्ट इस दिशा में बातचीत कर रही है और अरबों डॉलर की डील सोमवार तक की जा सकती है। इसे लेकर टिक-टॉक के पैरंट कंपनी बाइटडांस, माइक्रोसॉफ्ट और वाइट हाउस के प्रतिनिधियों के बीच होगी। हालांकि, जरूरी नहीं है कि डील हो ही जाए और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप खुद नहीं चाहते कि ऐसी कोई डील की जाए।

भारत ने 59 और ऐप बैन किए

25 सदस्यों वाली अमेरिकी कांग्रेस की टीम ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बाबत एक्शन लेने और अमेरिकी नागरिकों के डेटा को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि टिकटॉक के डेटा से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और भी अडवांस होती है। वहीं, भारत ने चीन के 47 और ऐप बैन कर दिए। इससे पहले भी चीन के 59 ऐप बैन किए जा चुके हैं जिनमें टिकटॉक भी शामिल है। बाद में बैन किए गए ऐप्स में ज्यादातर क्लोनिंग वाले ऐप्स शामिल हैं। अमेरिका से पहले भारत में भारत में इन चीनी App को बैन किया जा चुका है। बैन लगाने को लेकर ट्रंप ने पहले भी संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि अधिकारियों ने इस विषय पर चिंता जताई है कि हमारी जानकारी चीन के खुफिया विभाग तक पहुंचाई जा रही है।


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