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महासमुंद : एक साथ दाम्पत्य जीवन निर्वाह करने हुए सहमत, आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर किया गया प्रकरण का निराकरण

आज जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में खंडपीठ क्रमांक-02, के समक्ष धारा 144 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत भरण-पोषण की राशि दिलाए जाने के संबंध में प्रकरण लंबित था। विविध दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 143 के आवेदिका (परिवर्तित नाम) संगीता बाई पति यादराम व उनके दो नाबा. पुत्र और पुत्री निवासी ग्राम कोसरंगी तहसील बागबाहरा का रहने वाला है। संगीता का विवाह पिथौरा तहसील के ग्राम डोगरीपाली निवासी यादराम के साथ माह अप्रैल 2018 में हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार हुआ था। विवाह उपरांत दोनो का दाम्पत्य जीवन ठीक चल रहा था किन्तु विवाह के 5-6 साल बाद दोनों में आपसी अनबन होने लगा जिससे वे दोनो जून 2025 से अलग-अलग निवास कर रहे थे। जिसका प्रकरण महासमुंद कुटुम्ब न्यायालय में लंबित था। जिसका प्रकरण आज नेशनल लोक अदालत में राजीनामा हेतु रखा गया था। 

उभयपक्षकारों को कुटुम्ब न्यायालय खंडपीठ क्रमांक-दो के पीठासीन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार सोनवानी द्वारा समझाईश दिया गया, जिससे प्रेरित होकर दंपत्तियों एक साथ रहने के लिए सहमत होते हुए अपना दाम्पत्य जीवन एक साथ निर्वाह करने हेतु तैयार हो गए। इस प्रकार उभयपक्षकारों के मध्य राजीनामा हो जाने के कारण प्रकरण की कार्यवाही समझौते के आधार पर समाप्त किया गया तथा दोनो दम्पति एक साथ रहकर जीवन निर्वाह करने के लिए तैयार हुए। इसी प्रकार व्यवहारवाद प्रकरण के वादी (परिवर्तित नाम) गंगाराम निषाद ग्राम शिकारीपाली तहसील बागबाहरा निवासी द्वारा धारा 09 हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत दाम्पत्य अधिकारों की पुनस्थापना किए जाने के संबंध में, का आवेदन लंबित था।

वादी गंगाराम का विवाह खल्लारी निवासी सुशीला के साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ मार्च 2024 में हुआ था। दोनों में आपसी रिश्ते में अनबन होने के कारण शादी के एक वर्ष बाद दोनों अलग अलग निवास कर रहे थे। जिसका प्रकरण न्यायालय में लंबित था। जिसे आज लोक अदालत में राजीनामा के लिए रखा गया था। जिसमें उभयपक्षों को कुटुम्ब न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के द्वारा सुलह का प्रयास किए जाने उपरांत उभयपक्ष साथ रहकर दाम्पत्य जीवन निर्वहन करने हेतु सहमत हुए। इस प्रकार उभयपक्षों के मध्य सुलह हो जाने के कारण प्रकरण की कार्यवाही राजीनामा के आधार पर सामाप्त किया गया, साथ ही पीठासीन अधिकारी द्वारा दाम्पत्यों को पौधे भेट कर वृक्षारोपण का संदेश दिया गया।     


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