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ग्राम पँचायत फर्सवानी"में ग्राम-सभा सम्पन्न, मितानिन को साड़ी औऱ श्रीफल से किया गया सम्मान, स्व सहायता समूहों को बांटा गया सरसों बीज....क्या होता है ग्रामसभा? क्या आप जानते हैं ग्रामसभा और ग्राम पंचायत में अंतर ...

आज दिनांक 23-11-2020 को सारंगढ़ ब्लॉक के फर्सवानी गांव में ग्रामसभा का आयोजन किया गया था, जिसमे ग्राम के विकास हेतु चर्चा-परिचर्चा किया गया। इस ग्रामसभा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय रही।

मितानिन को किया गया सम्मान:-
कोरोनकाल में किये गए कार्यों से अभिभूत होकर ग्राम पँचायत फर्सवानी द्वारा मितानिनों का सम्मान श्रीफल एवमं साड़ियों से किया गया।

स्वसहायता समूहों को दिया गया सरसों बीज:-

इसी तारतम्य में कृषि विभाग एवं ग्राम पंचायत फर्सवानी द्वारा सरसों बीज प्रदाय किया गया। एवं दलहन एवमं तिलहन की खेती पर जोर देने की बात कही गयी।

क्या कहते है उपसरपंच भानुप्रताप पटेल;-
उपसरपंच ने मीडिया को बताया कि इस ग्रामसभा में ग्रामपंचायत द्वारा सभी ग्रामीणों को मास्क पहनने एवं सेनेटाइजर का उपयोग करने की अपील की गई है, तथा धान के अलावा दलहन तिलहन की खेती पर जोर देने की बात ग्रामवासियों से किया।

प्रत्येक ग्रामीणों को सरकारी योजना का लाभ देना और ग्राम विकास में लोगों को साथ लेकर चलना ही मुख्य उद्देश्य--सरपंच गंगाराम सिदार

जब ग्राम सभा के उपलक्ष्य में सरपंच गंगाराम से हमने संर्पक किया तो उनका कहना था कि मेरा मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओ को प्रत्येक जनता तक पहुंचाना उनका मुख्य लक्ष्य है, तथा सभी पंचो को साथ लेकर ग्राम विकास के कार्यों का सम्पादन करना ही मुख्य उद्देश्य है।

क्या होता है ग्रामसभा:-

किसी ग्राम की निर्वाचक नामावली में जो नाम दर्ज होते हैं उन व्यक्तियों को सामूहिक रूप से ग्राम सभा कहा जाता है। ग्राम सभा में 200 या उससे अधिक की जनसंख्या का होना आवश्यक है। ग्राम सभा की बैठक वर्ष में दो बार होनी आवश्यक है। इस बारे में सदस्यों को सूचना बैठक से 15 दिन पूर्व नोटिस से देनी होती है। ग्राम सभा की बैठक को बुलाने का अधिकार ग्राम प्रधान को है। वह किसी समय आसामान्य बैठक का भी आयोजन कर सकता है। ज़िला पंचायत राज अधिकारी या क्षेत्र पंचायत द्वारा लिखित रूप से मांग करने पर अथवा ग्राम सभा के सदस्यों की मांग पर प्रधान द्वारा 30 दिनों के भीतर बैठक बुलाया जाएगा। यदि ग्राम प्रधान बैठक आयोजित नहीं करता है तो यह बैठक उस तारीख़ के 60 दिनों के भीतर होगी, जिस तारीख़ को प्रधान से बैठक बुलाने की मांग की गई है। ग्राम सभा की बैठक के लिए कुल सदस्यों की संख्या के 5वें भाग की उपस्थिति आवश्यक होती है। किन्तु यदि गणपूर्ति (कोरम) के अभाव के कारण बैठक न हो सके तो इसके लिए दुबारा बैठक का आयोजन किया जा सकता है। दरबार बैठक के लिए 5वें भाग की उपस्थिति आवश्यक नहीं होती है।

ग्राम सभा के सदस्य और बैठक:-

ग्राम सभा का क्षेत्र एक सम्पूर्ण ग्राम पंचायत होता है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में रहने वाले सभी व्यक्ति जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो ग्राम सभा के सदस्य होते हैं।

बैठक की सूचना:-

बैठक की सूचना मुनादी, डुगडुगी बजाकर, लाऊडस्पीकर से और ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट पर नोटिस चिपकाकर या अन्य माध्यमों से आम जनता को दिया जाना आवश्यक है।

अंतर होता है ,ग्रामसभा और ग्राम पंचायत में:-

1. ग्राम सभा में एक गांव (या गांवों के समूह) के सभी वयस्क (18 से ऊपर) सदस्य होते हैं। जबकि, ग्राम पंचायत एक छोटा सा निकाय है जिसके सदस्य चुने जाते हैं।

2. ग्राम पंचायत की अवधि आमतौर पर 5 साल होती है, जबकि ग्राम सभा एक स्थायी निकाय है और विघटन के अधीन नहीं है। 3. ग्राम पंचायत ग्राम सभा का एक कार्यकारी अंग है। ग्राम सभा ग्राम पंचायत के काम पर नज़र रखता है और मूल्यांकन करता है। 4. ग्राम पंचायत अधिकारी पंचायती राज विभाग का अधिकारी होता है जो पंचायत (प्रधन व् सदस्यों) के प्रति जवाबदेह होता है। तथा ग्राम विकास अधिकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय का अधिकारी होता है जो ग्राम सभा(व्यस्क मतदाताओं का समूह) के प्रति उत्तरदाई होता है।




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