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मंत्री लखमा ने ली खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद् की बैठक

शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास के जनहित के कामों को समयबद्ध तरीकें से करें: मंत्री लखमा

प्रभारी मंत्री एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष कवासी लखमा ने आज यहां जिला पंचायत के सभाकक्ष में शासी परिषद की बैठक ली। कलेक्टर डोमन सिंह जिले के विकास के लिए विभागवार तैयार की गई कार्ययोजना एवं नियमों में नवीन संशोधन (गाईड-लाईन) के बारे में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए परिषद के सदस्यों अवगत कराया। बाद में विभागवार वार्षिक कार्य योजना के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में वर्ष 2015-16 से लेकर 2018-19 तक की जिला खनिज न्यास संस्थान की आॅडिट रिपोर्ट एवं 2017-18 से लेकर 2019-20 तक के वार्षिक कार्य योजनाओं के बारें में बताया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 की यह दूसरी बैठक थी। कलेक्टर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के सभी काम पूरे हो चुके ह,ै वहीं वर्ष 2017-18 में दो कार्य प्रगतिरत् हैं। वहीं 2018-19 के अधिकांश काम पूरें हो चुके है। वर्ष 2019-20 में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के कुछ काम शेष है। बैठक में न्यास के सदस्य जिले के विधायक विनोद चंद्राकर, देवेंद्र बहादुर सिंह और किस्मत लाल नंद, जिला पंचायत की अध्यक्ष ऊषा पटेल और जिला प्रभारी मंत्री से नामांकित सदस्य, वनमण्डलाधिकारी पंकज राजपूत सहित जनप्रतिनिधि और शासी परिषद के अधिकारीगण उपस्थित थे।

जिला खनिज न्यास के अध्यक्ष कवासी लखमा ने प्रस्तावित कार्ययोजना विकास उन्मुखी बताया। उन्होनें प्रजेंटेंशन कार्य योजना की सराहना की और कहा कि खनन प्रभावित गांवों के सरपंचों से लेकर जिले के विधायकों सहित जनप्रतिनिधियों के विकास कार्य प्रस्ताव का भी ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि खनिज न्यास की राशि खनन से प्रभावित लोगों के अलावा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास के जनहित के कामों समयबद्ध तरीकें से पूरा करें।

मंत्री श्री लखमा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास के कार्य आंगनबाड़ी, सुपोषण के अलावा गोधन न्याय योजना, कोरोना कोविड-19 की रोकथाम एवं नियंत्रण के कामों को प्रथम प्राथमिकता बताया। उन्होंने गोठानों को ग्रामीणों की आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने पर बल दिया। बैठक में मंजूर हुए सभी प्रस्तावों के क्रियान्वयान के साथ-साथ समुचित निगरानी कर सुनिश्चित ढंग से समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने ली जीवन दीप समिति की बैठक जहां चिकित्सक और स्टाॅफ की कमी है, उसका प्रस्ताव बनाकर भेजें

प्रभारी मंत्री एवं जिला आबकारी एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने शासी परिषद् की बैठक के बाद जीवन दीप समिति की बैठक ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में संचालित सभी राष्ट्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कोविड-19 वैश्विक महामारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं यह भी सुनिश्चित किया जाए चिकित्सक और स्टाॅफ समय पर उपस्थित हो। उन्होंने कहा कि जहां चिकित्सक और स्टाॅफ की कमी है, उसका प्रस्ताव कलेक्टर के माध्यम से भेजा जाए ताकि इस पर जरूरी कार्यवाही कर स्टाॅफ की भर्ती की जा सकंे। क्योंकि अस्पताल जीवन से जुड़ा होता है। मरीज यहां अपने बेहतर ईलाज के लिए आता है। उसे अच्छे से अच्छा उपचार मिलें यह चिकित्सकों की ड्यूटी और कर्तव्य भी है। मंत्री ने कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्रों में एक्स-रे मशीन खराब है, उन्हे तत्काल दुरूस्त कराए जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में सभी जरूरी दवाईयाॅ और उपचार उपकरण हो यह सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने बताया कि एनेस्थीसियोलाॅजिस्ट न होने के कारण मरीजों की जरूरी सर्जरी अस्पताल में नहीं हो पाती। इसके लिए खनिज न्यास निधि से राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके साथ ही अन्य जरूरी स्टाॅफ के लिए भी राशि मुहैया कराई जा सकती है। बैठक में जिले के विधायक विनोद चंद्राकर, देवेंद्र बहादुर सिंह और किस्मत लाल नंद, जिला पंचायत की अध्यक्ष ऊषा पटेल और जिला प्रभारी मंत्री से नामांकित सदस्य, वनमण्डलाधिकारी पंकज राजपूत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. मण्डप,े डीपीएम श्री रोहित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिला चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाएं, कोविड-19, डेडीकेटेड कोविड हाॅस्पिटल की वर्तमान की स्थिति और उपलब्ध मानव संसाधन की जानकारी दी। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2020-21 की आय-व्यय की जानकारी से अवगत कराया।






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