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बसना : धूल की समस्या से लोग बेहाल

धूल की समस्या से बसना नगर के लोग बीते कई सालों से परेशान है. हर दिन यह संकट गहराता जा रहा है. आलम यह है कि लोग सांस लेने को भी असहज महसूस कर रहे हैं. लेकिन इन सब चीजों से प्रशासन बेपरवाह है. कई रिसर्च के मुताबिक प्रदुषण के चलते लोगों की उम्र कम हो रही है. नगर के हालत ऐसे ही रहें तो निश्चित ही यहाँ के नगर वासियों की भी आयु भी कम होती रहेगी. जरुरत है कि यहाँ भी कम से कम महीने में चार बार प्रदुषण स्तर की जाँच कर उसे सार्वजनिक किया जाये. ताकि प्रशासन प्रदुषण के स्तर को कम कर सके जिससे लोग राहत भरी सांस ले पायें.

आपको बता दें कि नगर में लगातार भारी वाहन गुजर रहे हैं. प्रतिदिन नगर में सैंकड़ो ट्रक गुजरते है, राज्य और केंद्र सरकार करोड़ो मुनाफा भी कमाते हैं. लेकिन यहां के जर्जर सड़क और धुल के कारण लोग काफी समस्याएं झेल रहे हैं. ट्रक शहर के बीचों बीच होकर गुजरते हैं जिससे काफी धुल उड़कर लोगों के घर में दूकान के घुस जाती है, धूल की परत जम जाती है. जिससे नगरवासी परेशान है. उन्हें रोजाना सुबह से लेकर रात तक इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

धूल के कारण वाहन चालक का ध्यान भंग होता है. दुर्घटना होने की स्थिति निर्मित हो जाती है. यदि रोज सड़क पर नियमित रूप से पानी डाला दिया जाए तो काफी हद तक लोगों को इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है.बसना नगर के मुख्यमार्ग की स्थिति अब भी बत्तर है, कई जगहों पर गड्ढे हैं, बरसात के समय बस स्टैंड के पास पानी भी भर जाता है. यह स्थिति सरायपाली में भी थी, लेकिन वहां के प्रतिनिधयों द्वारा लगातार सड़क बनाने को लेकर आन्दोलन किया जिसके बाद सरायपाली नगर के मुख्य मार्ग को बना दिया गया है. लेकिन बसना नगर के जनप्रतिनिधि निष्क्रिय होने के कारण अब तक बसना नगर के मुख्यमार्ग को सुधार नहीं किया गया है. जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

सड़कों पर उड़ने वाली धूल के कारण अस्थमा के मरीज और जिनको एलर्जी है वो तो सीधे तौर पर परेशान होते ही हैं, उनके साथ ही एक सामान्य व्यक्ति भी जो रोज-रोज धूल का सामना करने पर बीमार पड़ सकता है. इसके आलावा धूल मिट्टी की वजह से आंखों में एलर्जी व इन्फेक्शन हो सकता है. ब्रोंकाइटिस या हमेशा सर्दी जुकाम की समस्या हो सकती है. धूल से त्वचा में खुजली होने का भी डर बना रहता है.



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