दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों राहत राशि ना देना पड़े इसलिए ... - CG Sandesh

दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों राहत राशि ना देना पड़े इसलिए बना दिया इंश्योरेंस कंपनी का फर्जी दस्तावेज, पुलिस ने दर्ज किया मामला

सिकसोड़ थाना अंतर्गत एक दुर्घटना के बाद न्यायालय और पुलिस ने इंश्योरेंस कंपनी के फर्जी दस्तावेज जमा करने का मामला सामने आया है. आरोपी ने दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों को राहत राशि ना देना पड़े इसलिए इस फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया. और दस्तावेज के फर्जी होने की जानकरी जब पुलिस को मिली तो उसने पुलिस को गुमराह करते हुए एक मृत व्यक्ति का नाम लेते हुए बताया कि इंश्योरेंस उसने उस मृत व्यक्ति से करवाया था. लेकिन फिर आरोपी पुलिस से बच ना सका.

प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना के बाद आरोपी को थाना सिकसोड़ द्वारा दस्तावेज पेश करने को कहने पर अनावेदक द्वारा वाहन का मूल आर.सी. बुक एवं इंश्योरेंस ड्रायविंग लायसेंस का फोटो कापी जमा किया गया था. जिसके बाद पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ न्यायालय भानुप्रतापपुर में 18 मार्च 2019 को चालान पेश किया.

इसके बाद न्यायालय द्वारा दी ओरिएंटल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड कंपनी को मृतक को राहत राशि का भुगतान करने को कहा गया, जिसमें कंपनी द्वारा बताया गया कि उक्त कम्पनी के द्वारा अनावेदक के वाहन का कोई भी इंश्योरेंस जारी नही किया गया है.

इसके बाद इस शिकायत पर पुलिस ने जांच किया गया, जिसमें अनावेदक भिकेश सोनवानी का ब्यान लिया गया जिसमें बताया गया कि वह रतना फ्यूल में काम करने के दौरान पेट्रोल पंप के बाजू में रह रहे आदमी माहव ध्रुव को अपनी मोटर सायकल क्र.सीजी 19 बीई 4737 का बीमा करने के लिये पुराना बिमा एवं पैसा दिया था. जिसे वह किन्जल मोबाईल एवं च्वाईस सेंटर केशकाल से बनाकर लाना बताया.

पुलिस ने अनावेदक के बताये अनुसार बनाने के स्थान का जानकारी लिया पर इस नाम का कोई भी दुकान केशकाल एवं कोण्डागांव जिला में भी नही पाया गया. जिस व्यक्ति ने बीमा लाकर दिया था उसका वर्तमान में मौत हो गया है.

इसके बाद पुलिस ने अनावेदक का चाल चलन के बारे में भी पूछताछ किया जिसमे पता चला कि वह हेराफेरी करने वाला आदमी है. इसके बाद जांच क्रम में दी ओरिऐंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कंपनी के धमतरी राजनांदगांव के कर्मचारियों से भी पूछताछ किया गया जो बताये कि अनावेदक भिकेस सोनवानी के वाहन क्र.सीजी 19 बीई 4737 को हमने पहली बार नया गाडी शो रूम से लेते समय बीमा किया था. उसके बाद से इस गाड़ी क्रमांक सीजी 19 बीई 4737 को हमने दोबारा कोई बीमा नही किया है.

पुलिस ने बताया कि अनावेदक द्वारा कोई पूछताछ न कर सके इससे बचने के लिये मृत व्यक्ति माधव का नाम बताया गया. और  अनावेदक द्वारा पुराने बीमा कापी में ही कुट रचना कर फर्जी बीमा का दस्तावेज बनाया है और थाना एवं न्यायालय में पेश किया.

पुलिस ने बताया कि अनावेदक भिकेश सोनवानी के द्वारा थाना सिकसोड़ के अपराध क्र. 01/2019 धारा 279, 337, 304 ए भादवि मे मृतक के घरवालों के द्वारा राहत राशि की मांग करने पर इसका भुगतान करने पर कैसे किया जायेगा इससे बचने के लिये वह अपने ही वाहन का पुरानी दी ओरिऐंटल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड कंपनी का बीमा पालिसी दस्तावेज को फर्जी (बेईमानी व कपट पूर्ण) तरीके से सिर्फ घटना के समय का म्याद (2016 के स्थान पर 2018 का) कूटरचना(टेम्परिंग) कर नया बीमा जैसे बनाकर पहली बार दिनांक 02.03.2019 को थाना सिकसोड़ एवं दूसरी बार दिनांक 15.03.2019 को न्यायालय में यह जानते हुये कि वह वाहन बीमा फोटो कापी व कुटरचीत है फिर भी उसने पेश किया. एवं इसी दस्तावेज को मूल कापी आधार मानकर माननीय जेएमएफसी न्यायालय भानुप्रतापपुर ने वाहन को सुपूर्दनामें में दिया.

मामले  में पुलिस ने अनावेदक भिकेश सोनवानी का कृत्य धारा 420, 465, 467, 468, 471 भादवि का पाये जाने से थाना सिकसोड़ में अनावेदक के खिलाफ अपराध क्रमांक 08/21 धारा 420,465,467,468,471 भादवि कायम कर विवेचना में लिया है.


अन्य सम्बंधित खबरें