जिले के सभी गौठानों में चारागाह विकसित करें : कलेक्टर
कलेक्टर की ओर से दिये गये निर्देशों के परिपालन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने शासन के महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा व बाड़ी अंतर्गत जिले के सभी गौठानों में चारागाह विकसित करने के लिए जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पशुधन विकास विभाग से समन्वय कर सभी गौठान में चारागाह विकास के लिए नेपियर घास, मक्का, ज्वार इत्यादि की बोनी जुलाई माह में अनिवार्य रूप से कर लिया जाएं। चारागाह विकास के लिए विकासखंड अंतागढ़ के 55 गौठान, भानुप्रतापपुर के 42, चारामा के 32, दुर्गूकोंदल के 38, कांकेर के 40, कोयलीबेडा के 60 और नरहरपुर के 55 गौठानों में नेपियर घास, जौ, मक्का इत्यादि की बोआई करने के निर्देश दिये गये हैं।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे की ओर से मनरेगा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन व प्रबंधन के लिए जनपद पंचायत सीईओ और कार्यक्रम अधिकारी की बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा करते हुए मनरेगा के कार्यो में प्रारंभ से ही सूचना पटल का निर्माण कराने के लिए निर्देशित किया गया, ताकि उनका अनुसरण अन्य पंचायतों की ओर से किया जा सकें। योजना के क्रियान्वयन में गुणवक्ता लाने के लिए प्रत्येक माह में 10 से 15 दिवस अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट कर जिन पंचायतों में मनरेगा के कम कार्य किये गये हैं, ऐसे पंचायतों के मजदूरों को प्रोत्साहित कर अधिक से अधिक कार्यो में नियोजित करने के लिए निर्देशित किया गया। जो कार्य 03 माह बाद भी प्रारंभ नहीं होते हैं, ऐसे व्यक्तिमूलक कार्यो में हिताग्राहियों को नोटिस जारी कर व समझाईश देकर समय पर पूरा कराने के लिए कहा गया। निजी डबरी निर्माण में इनलेट, आउट लेट पर विशेष फोकस करने के निर्देश भी दिये गये, ताकि डबरी का उपयोग-सिंचाई व मछलीपालन में हो सके।
जिला पंचायत के सीईओ डॉ. संजय कन्नौजे ने सभी कार्यक्रम अधिकारी को समझाईश देते हुए कहा कि मनरेगा योजना में फील्ड विजिट के दौरान कार्यक्रम अधिकारी हितग्राहियों से चर्चा करें। भ्रमण के दौरान निर्माणधीन कार्यो की गुणवक्ता, समय पर मजदूरी भुगतान पर विशेष फोकस कर निरंतर फिल्ड विजिट व चर्चा किया जाए। बारिश के अवधि में वनाधिकार पट्टा के हिताग्राहियों को 150 दिवस कार्य उपलब्ध कराने, उनकी जमीन पर क्रेडा, मत्स्य पालन, उद्यानिकी इत्यादि विभागों के अभिसरण से कार्य योजना बनाने के लिए कहा गया तथा बारिश के मौसम में होने वाले मनरेगा 2 के कार्यो का क्रियान्वयन निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये गये। मनरेगा में मिट्टी के कार्य बंद रहेंगे, लेकिन आंगनबाडी, मुर्गी व बकरी शेड, धान चबूतरा, नाडेफ जैसे मनरेगा 2 के कार्यों को प्रारंभ कर मजदूरों को नियोजित करने कहा गया। मनरेगा योजना के सभी विकासखंड में पंजीकृत मजदूरों के आधार पर 100 दिवस के कार्य प्रदाय करने के लिए योजना बनाकर बारिश के बाद अधिक से अधिक परिवारों को 100 दिवस का रोजगार प्रदाय करने के निर्देश दिये गये।
डॉ. कन्नौजे ने कहा कि मनरेगा योजना अंतर्गत जिले के सभी अनुसूचित जनजाति, जाति के परिवारों को 100 प्रतिशत मनरेगा जॉब कार्ड बनाया जाए। ग्राम पंचायत में जितने एसटी, एससी परिवार हैं उनका शतप्रतिशत पंजीयन कराकर मनरेगा में उनके आर्थिक उन्नयन के लिए हितग्राही मूलक कार्य मुर्गी शेड, बकरी शेड, निजी डबरी का निर्माण एवं मजदूरी में नियोजित का लाभान्वित करें। जिले के सभी दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने के लिए सभी पंचायत में उनका सूची रोजगार सहायक, सचिव, तकनीकी सहायक के पास होना चाहिए, साथ ही ग्राम के भूमिहीन परिवारों की भी सूची बनाने और ऐसे परिवारों को 100 दिवस का रोजगार अनिवार्य रूप से प्रदाय करने के निर्देश दिये हंै।
मजदूरी भुगतान में मजदूरों का ट्रान्जेक्शन रिजेक्ट होने की समस्या से बचने के लिए रोजगार सहायकों को बैंक खातों के लेन-देन, केवाईसी अद्यतन करने के संबंध में जानकारी देने जनपद सीईओ को निर्देशित किया गया, ताकि रिजेक्शन की स्थिति न हो और समय पर मजदूरी भुगतान हो सके। जिले में बिहान योजनांतर्गत 1294 महिला समूहों को दिये जाने वाले 1382 लाख रुपए का बैंक लिंकेज की धीमी प्रगति में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि गौठानों में कार्यरत महिला समूह के प्रत्येक सदस्य को माह में कम से कम 6 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त हो ऐसा प्रयास किया जाएं। जिले में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत कचरा प्रबंधन के तहत् स्वीकृत 174 कार्य में से 110 कार्य प्रगतिरत है।
समीक्षा बैठक में सभी जनपद पंचायतों के सभी सीईओं को निर्देशित करते कहा कि सप्ताह में एक दिन प्रत्येक पंचायत में ग्रामीण सचिवालय का आयोजन किया जाएं, जिसमें ग्रामीण जन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जाएं। ग्रामीण सचिवालय में अन्य विभाग के स्थानीय कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। अनुपस्थित होने की स्थिति में कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।