नक्सली हिंसा से पीड़ितों को पुनर्वास नीति के तहत मिली नौकरी, मुश्किल घड़ी में सरकार से मिला सहारा
नक्सली हिंसा से पीड़ित पखांजूर तहसील निवासी सुदिप्ता मिस्त्री अब स्वावलंबी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल घटना से पीड़ित परिवारों के पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आदिवासी विकास विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति मिली है, जिसके चलते वह स्वयं आत्मनिर्भर हो चुकी है तथा अपने दो छोटी बहनों नेहा एवं खुशी मिस्त्री की शिक्षा के प्रति भी ध्यान दे रही है। उनके परिवार के लिए शासन द्वारा किये गये मदद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में उनके पिताजी सुदेब मिस्त्री की नक्सलियों द्वारा लगाये गये आईडी विस्फोट से मृत्यु हो गयी थी, उक्त घटना के बाद उनकी परिवार के मदद के लिए शासन-प्रशासन के लोग सामने आये। जिला प्रशासन कांकेर द्वारा उनकी माताजी को 01 लाख रूपये की तत्कालिक मदद दी गई तथा पुनर्वास नीति के तहत् उन्हें आदिवासी विकास विभाग कांकेर में चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति प्रदान किया गया। सुदिप्ता ने बताया कि वह अपने दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई में मदद कर रही है तथा अपने माॅ का भी ध्यान रखती है। चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने इस वर्ष बीएससी अंतिम वर्ष की परीक्षा में स्वाधायी छात्रा के रूप में सम्मिलित हुई है, वह एमएससी करने के बाद कोई अच्छे पद में नौकरी करना चाहती है।
नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास नीति से लाभान्वित दुर्गूकोंदल विकासखण्ड में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) विकास सिंह ठाकुर और भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) श्रीमती पुष्पा सिंह ने भी मुश्किल घड़ी में मदद के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। विकास सिंह ठाकुर ने बताया कि उनके पिताजी बिरेन्द्र सिंह ठाकुर की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसी प्रकार पुष्पा सिंह के पति राकेश सिंह की भी नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसके प्रकरण में पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सहायक शिक्षक (एलबी) के पद पर नौकरी दिया गया है, जिसके फलस्वरूप वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर पा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार नक्सली हिंसा में मारे गये व्यक्तियों के परिवारों के पुनर्वास नीति के तहत् कांकेर जिले में 82 लोगों को विभिन्न शासकीय सेवाओं में नौकरी प्रदान की गई है। इसके अलावा नक्सल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता एवं आवासीय भूमि, राशन कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन इत्यादि प्रकार से मदद किया गया है। कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा ऐसे परिवारों की मदद के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।