वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में कृषकों से लिए सुझाव - CG Sandesh

वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में कृषकों से लिए सुझाव

 कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का अयोजन किया गया, जिसमें कांकेर एवं कोण्डागांव के कृषि विज्ञान केन्द्र के गत वर्ष के प्रगति एवं वर्ष 2021-22 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण एवं उपस्थित समिति सदस्यों एवं कृषकों से सुझाव आमंत्रित किया गया। बैठक का आयोजन निदेशक विस्तार सेवायें रायपुर द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया, जिसमें कांकेर एवं कोण्डागांव जिले के समवर्ती विभाग के अधिकारी कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में उपस्थित होकर बैठक में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने पावर पाईंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से गतवर्ष कार्यो के बारे में जानकारी दी गई, केन्द्र के अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, प्रक्षेत्र परीक्षण, गोठान में आयोजित किये जाने वाली गतिविधियां, कृषकों के लिए आजीविका मूलक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रस्तुतिकरण के पश्चात् वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्यों से सलाह ली गई, जिसमें सहायक संचालक कृषि सूरज पंसारी ने सुगंधित एवं बायोफोर्टिफाईड (जिंक) धान को जिले में विस्तार के लिये कृषकों को समय-समय जागरूकता एवं प्रशिक्षण आयोजित करने की सलाह दी गई, प्रगतिशील कृषक हृदयराम शोरी ग्राम डुमाली द्वारा ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन तिलहन फसल को बढ़ावा देने की सलाह दी गई। सहायक कृषि अभियंता हरिलाल देवांगन द्वारा जिले में स्थापित कस्टम हायरिंग सेंटर के विषय में जानकारी दी तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के सम्पर्क कृषकों के यहां कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की सलाह दी गई एवं अन्य विभागी योजनाओं की जानकारी दी गई, पशुधन विकास विभाग के डॉ. नितु राणा, सहायक सल्ज्ञय द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र में उन्नत सांड एवं बकरा तैयार कर विभागीय योजनाओं के माध्यम से कृषकों को उपलब्ध कराने की सलाह दी गई। इसी क्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र कोण्डागांव प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. ओमप्रकाश ने नवीन स्थापित कोण्डागांव कृषि विज्ञान केन्द्र के गत वर्ष के प्रगति पर प्रस्तुतिकरण दिया। उप संचालक पशुधन विकास विभाग कोण्डागांव के उप संचालक डॉ. शिशिर पाण्डे द्वारा शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा गरूवा घुरूवा बाड़ी अंतर्गत चारा विकास के तहत बारहमासी नेपियर एवं अन्य चारा फसल को कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा बढ़ावा देने की सलाह दी गई।

 मत्स्य पालन कोण्डागांव से सहायक मत्स्य अधिकारी योगेश कुमार देवांगन ने बायोफ्लॉक पद्धति एवं मछली सह बतख पालन को जिले में बढ़ावा देने की सलाह दी। उद्यानिकी विभाग के उद्यान अधीक्षक, लोकेश्वर ध्रुव ने कहा कि अगेती एवं पछेती फलदार किस्मों को वैज्ञानिकों के द्वारा उपलब्ध करवाने से किसानों को आर्थिक लाभ ज्यादा मिल सकता है। कोण्डागांव जिले के प्रगतिशील कृषक शिवनाथ यादव, सोनूराम मण्डावी, विश्वजीत दास, अमित दास, महेश कोर्राम एवं घस्सू राम मरकाम ने जिले में सुगंधित धान, हरी खाद, उर्वरकों, रसायनों के संतुलित उपयोग, एवं लागत मूल्य को कम करने के विषय में जागरूकता एवं प्रशिक्षण आयोजित करने की सलाह दी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवायें, डॉ. एस. सी मुखर्जी ने प्रस्तुतिकरण पश्चात् कांकेर एवं कोण्डागांव जिले में लघु धान्य फसलों तथा लाख उत्पादन को प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई। तत्पश्चात् अधिष्ठाता शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र जगदलपुर डॉ. एच. सी. नन्दा ने जिले में लघु धान्य फसल,ं दलहन उत्पादन, मातृ उद्यान में बेर तथा ड्रेगन फ्रूट को स्थापित कर बढावा देने की सलाह दी गई। निदेशक अटारी, जबलपुर द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर एवं नवीन कृषि विज्ञान केन्द्र कोण्डागांव के विगत वर्ष के प्रगति को सराहा गया तथा अलग-अलग गांवो में प्रदर्शन आयोजित कर एवं सोशल मिडिया के द्वारा ज्यादा से ज्यादा कृषकों तक पहुंच बढ़ाने की सलाह दी गई। बैंठक में आर.बी.एस. बघेल, उद्यान विभाग आर. पी. ठाकुर, ए. के. निषाद, भूमि संरक्षण विभाग, संगीता रॉय, डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर आत्मा, प्रगतिशील कृषक कैलाश नेताम, छबिलाल नाग, डकेश्वर भास्कर, निर्मला भास्कर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के वैज्ञानिकगण इंजीनियर नरेन्द्र हरिदास ताण्ड़े, डॉ. चन्दूलाल ठाकुर, डॉ. कोमल सिंह केराम, उपेन्द्र कुमार नाग, हेमन्त भुआर्य उपस्थित थे।


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