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इस राज्य में भ्रूण लिंग परीक्षण संबंधी सूचना देने पर... बढ़ाई गयी ढाई लाख से तीन लाख रू. की राशि

राजस्थान सरकार ने समाज में बेटियों को बचाने के जागरूक करने एवं सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से मुखबिर योजना के अन्तर्गत एक अप्रेल से प्रोत्साहन राशि ढाई लाख रूपये से बढाकर तीन लाख रूपये कर दी गयी है।

प्रदेश के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि प्रदेश में भ्रूण लिंग परीक्षण को रोकने एवं बेटियों को बचाने के लिये पीसीपीएनडीटी एक्ट की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में मुखबिर योजना के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण संबंधी प्राप्त सूचना पर तीन किश्तों में ढाई लाख रूपये तक की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाती थी लेकिन अब इसे और व्यावहारिक बनाते हुए सफल डिकाय ऑपरेशन पर मुखबिर, डिकॉय गर्भवती महिला एवं सहयोगी को दो किस्तों में कुल तीन लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सोनोलोजिस्ट की परीक्षा और प्रशिक्षण भी निरंतर करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोनोग्राफी मशीनों को $खरीदते समय बाय बैक पद्दति अपनाई जाए ताकि नई तकनीक आने के बाद पुरानी मशीनों को वापस कर नई मशीनें ली जा सके।

चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 265 राजकीय सोनोग्राफी केन्द्र एवं 3483 निजी सहित कुल 3748 रजिस्टर्ड सोनोग्राफी केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत इस वर्ष अब तक लगभग 1220 केन्द्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। वर्ष 2021 में अब तक तीन डिकॉय ऑपरेशन कर दो सोनोग्राफी सेंटर को सीज किया गया है और सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल 158 डिकॉय ऑपरेशन कर 170 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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