स्थानीय समस्याओं का निराकरण ग्रामीण सचिवालय में जुलाई माह में 06 हजार से अधिक आवेदन निराकृत
ग्राम स्तरीय प्रशासन को जनता से सीधा जोड़ने, उन्हें पारदर्शी तथा संवेदनशील बनाने के लिए जिले के सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक सप्ताह ग्रामीण सचिवालय का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार के निर्देशानुसार ग्रामीण सचिवालय में संबंधित क्षेत्र के मैदानी स्तर के कर्मचारी जैसे- पटवारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, सहायक कृषि विस्तार अधिकारी, लाईन मेन, हैण्ड पंप मैकेनिक, पीडीएस दुकान के सेल्समेन, स्वास्थ्य विभाग के एएनएम, वनरक्षक, शिक्षक तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास इत्यादि विभागों से संबंधित कर्मचारियों के साथ ही ग्राम पंचायत के पदाधिकारी भी मौजूद रहते हैं, जिनके द्वारा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली जाती है, साथ ही ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्या, मांग, शिकायत इत्यादि से संबंधित आवेदनों का निराकरण भी किया जा रहा है। ग्रामीण सचिवालय में आय-जाति, निवास प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम जुड़वाना, अविवादित नामांतरण-बंटवारा से संबंधित जैसे कार्य भी संपादित किये जा रहे हैं, जिन क्षेत्रों में बीसी सखी नियुक्त हैं, वहां के ग्रामीण सचिवालय में बीसी सखियों द्वारा मनरेगा भुगतान के अलावा वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि हितग्राहियों को भुगतान भी किया जा रहा है।
आज सोमवार को चारामा विकासखण्ड के ग्राम बड़ेगौरी में आयोजित ग्रामीण सचिवालय में 35 हजार रूपये का वितरण बीसी सखी के द्वारा किया गया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि कांकेर विकासखण्ड के अंतर्गत पिछले सप्ताह आलबेड़ा, मनकेसरी, बारदेवरी, कोदागांव, नारा में आयोजित ग्रामीण सचिवालय में 58 पेंशनधारी हितग्राहियों को बीसी सखियों द्वारा 91 हजार 800 रूपये का भुगतान किया गया है।
जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार जिले में जुलाई माह में आयोजित ग्रामीण सचिवालयों में स्थानीय स्तर की समस्याओं से संबंधित 06 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। ग्रामीण सचिवालय में जुलाई माह में 06 हजार 811 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें 06 हजार 181 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण के लिए ब्लॉक अथवा जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती, ग्राम पंचायत में प्रत्येक सप्ताह आयोजित ग्रामीण सचिवालय में ही उनकी समस्याओं का निराकरण हो रहा है। मनरेगा भुगतान के अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों को भी बीसी सखियों द्वारा पेंशन भुगतान किये जा रहे हैं, जो पेंशनधारी हितग्राहियों के लिए बहुत अच्छी सुविधा है।