विश्व जनसंख्या दिवस पर 'जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा' का आयोजन - CG Sandesh

विश्व जनसंख्या दिवस पर 'जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा' का आयोजन

"पुरुष नसबंदी सरल, सुरक्षित और महिला नसबंदी से बेहद आसान विधि है"

11 जुलाई से 27 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा आयोजित होगा

जगदलपुर : हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य, दुनियाभर में बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोगों को जागरुक करना है। जनसंख्या दिवस मनाते हुए इस दिन लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाती है।

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिले में आज से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। पहले चरण में दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा का आयोजन 27 जून से 10 जुलाई तक किया जा चुका है। दूसरे चरण में आज से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। दो चरणों में मनाए जाने वाला विश्व जनसंख्या दिवस इस बार '8 बिलियन की दुनिया: सभी के लिए एक लचीले भविष्य की ओर- अवसरों का दोहन और सभी के लिए अधिकार और विकल्प सुनिश्चित करना' की थीम के साथ मनाया जा रहा है। इस बार विश्व जनसंख्या दिवस कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए मनाया जाएगा।

इस सम्बंध में जानकारी देते हुए सीएमएचओ डॉ.आर.के.चतुर्वेदी ने बताया: "परिवार नियोजन साधनों के प्रचार-प्रसार पर स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस है। 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के साथ ही ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का प्रारंभ किया जा रहा है। पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य जनसाधारण को सीमित परिवार के के प्रति जागरूक करना है। साथ ही इच्छुक लाभार्थियों को परिवार नियोजन की जानकारी देना, परिवार नियोजन के स्थाई-अस्थाई साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। पखवाड़े में ब्लॉक स्तर के सभी सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन संबंधी गर्भ निरोधक सामग्री, अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहेंगे। जिससे अधिक से अधिक लोगो तक परिवार नियोजन के साधनों की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।"

आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया: "स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनसंख्या नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिसका परिणाम है कि आज लोग परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों का उपयोग कर रहे हैं। बस्तर जिले में परिवार नियोजन के तरीकों के इस्तेमाल में बीते पांच वर्षों में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि हुयी है। वर्तमान में गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग करने वालों का प्रतिशत 45.2 से बढ़कर 54.2 हुआ है। परिवार नियोजन को लेकर लोगों के व्यवहार परिवर्तन की जरूरत है। पुरुष नसबंदी सरल, सुरक्षित और महिला नसबंदी से बेहद आसान विधि है, इसलिए योग्य और इच्छुक लाभार्थी आगे आकर इस विधि का चुनाव करें तथा इसका लाभ उठायें।"

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें