छत्तीसगढ़ : बारिश से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई गाँव बने... - CG Sandesh

छत्तीसगढ़ : बारिश से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई गाँव बने टापू

बीजापुर : छत्तीसगढ़ में मानसून के एक्टिव होने से ज्यादात्तर जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. बारिश से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं विजयपुर में बाढ़ का पानी अब लोगों के लिए आफत बनने लगा है. विजयपुर के 6 तहसीलों में अब तक 614 मिमी वर्षा हो चुकी है. जिले के ज्यादात्तर नदी नाले उफान पर हैं. दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है. प्रशासन हरसंभव मदद का दावा कर रहा है.

बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के स्कूलों में छुट्टी

बाढ़ के पानी के बीच लोग स्वास्थ्य सुविधा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. जिले के ज्यादातर स्कूलों का संपर्क भी टूटा हुआ है. बाढ़ ग्रस्त इलाकों और कमजोर स्कूल भवनों में छुट्टी दे दी गई है.

तेलगाना महाराष्ट्र बॉर्डर पर फंसे लोग

छत्तीसगढ़ सहित तेलांगाना और महारास्ट्र में तेज बारिश हो रही है. छत्तीसगढ़ से तेलांगाना और महारास्ट्र जाकर लौटने वाले बॉर्डर्स में फंसे हैं. कई घंटों से दर्जनों गाड़ियां फंसी हैं. तेलांगाना के टेकुलगुडम और महारास्ट्र के सोमनपल्ली में मुख्य सड़क पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूबी है.

बाढ़ की पानी से गांव बने टापू

मिरतुर नदी अपने पूरे शबाब पर है. लगातार मूसलाधार वर्षा से नदी कई दिनों से उफान पर है. बाढ़ ग्रस्त इलाकों में खाद्य सामाग्री और मेडिकल सुविधा पहुंचाना मुश्किल हो गया है. मिरतुर नदी के भरने से सेपटलीगुड़ा, केतुलनार तोयनार, मिरतुर, तड़केल, चेरली, बेचापाल मदपाल, सहित 15 गांव टापू में तब्दील हो गए हैं.

लगातार बारिश से मिंगाचल नदी का जलस्तर बढ़ने से रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं. कल मिंगाचल नदी का पानी नेशनल हाइवे तक पहुंचने लगा था. चेरपाल नदी, बोरजे रपटा भी मुसीबतें बढ़ा रही हैं. बीते 6 दिनों से दोनों नदियों में आवागमन ठप्प है. इसको लेकर लोग परेशान है. राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग भी नदी के एक छोर पर डटा हुआ है.

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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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