हाथियों ने किसान को घसीट-घसीटकर मार डाला, खेत में देखने गया ... - CG Sandesh

हाथियों ने किसान को घसीट-घसीटकर मार डाला, खेत में देखने गया था फसल

छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर से हाथियों ने एक शख्स की जान ली है। इस बार हाथियों ने बालोद जिले में एक किसान को घसीट-घसीटकर मार दिया है। घटना के वक्त वह अपने खेत में फसल देखने गया था। उसी दौरान हाथियों ने हमला किया है। मामला जिले के मुल्ले गांव का है।

जानकारी के मुताबिक, मुल्ले निवासी राम जी सिंगरामे सोमवार शाम को अपने खेत में फसल देखने गया था। उसी दौरान 2 हाथी वहां पहुंचे थे। इसके बाद हाथियों ने कुछ दूर तक किसान को घसीटा। इसके बाद पैर से कुचलकर उसे मार डाला। वारदात के वह गांव की तरफ चले गए थे। कुछ देर तक गांव में रहने के बाद फिर वह जंगल की तरफ चले गए हैं।

घटना के वक्त आस-पास के लोग मौके पर मौजूद थे। जिन्होंने इस बात की सूचना किसान के परिजनों को दी और गांव के लोगों को भी इस बारे में बताया गया। वन विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई थी।

 मगर ग्रामीण इतने दहशत में आ गए थे कि वह शव के पास भी नहीं जा रहे थे। देर रात तक किसान का शव खेत के पास ही पड़ा रहा। फिर जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तब शव को वहां से उठाया गया था।

गांव के ही मनोहर साहू ने बताया कि उनके सामने दो बाइकवालों पर भी हाथी ने हमला करने की कोशिश की। वह अपनी जान बचाकर एक ग्रामीण के छत पर चढ़ गए। तब जाकर उनकी बाची। कई लोग इसी तरह अलग-अलग छतों में पनाह लिए हुए हैं। इन्हें डर है कि हाथी फिर से वहां न पहुंच जाएं। गांव के ज्यादातर लोग रात को छत पर गुजारा कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि 24 हाथियों का दल कुछ समय पहले बालोद जिले में पहुंचा था। उन्हीं में से 2 हाथियों का दल बिछड़ा हुआ है। जिसने ये उत्पात मचाया है। वन विभाग भी अब अलर्ट मोड पर है। विभाग ने लोगों को भी सतर्क रहने कहा है। वन विभाग की टीम अब इन हाथियों पर नजर रख रही है। कहा जा रहा है कि आस-पास के जंगलों में ही यह हाथी का दल मौजूद है।

हाथियों के इस तरह से लोगों पर हमला करने और उन्हें मारने का यह कोई पहला मामला नहीं है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में हाथी पहले भी उत्पात मचाते रहे हैं। साथ ही कई लोगों की जान भी ले चुके हैं। इससे कुछ दिन पहले एक हाथी ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक महिला पर हमला कर दिया था। जिससे वह घायल हो गई थी।

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