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कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना के अंतर्गत बीजापुर जिला अस्पताल को राज्य में मिला प्रथम पुरस्कार

85.11 प्रतिशत अंकों के साथ जगदलपुर रहा छटवें स्थान पर

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में सम्भाग के 21 अस्पताल सम्मानित

जगदलपुर : प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को राज्य सरकार लगातार बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए कायाकल्प योजना का क्रियान्वयन कर रही है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले सरकारी अस्पतालों को पुरस्कृत किया जाता है। इसी क्रम में सोमवार को राज्य स्तर पर दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा की गई। जिसमें बीजापुर जिला अस्पताल ने 87.53 प्रतिशत अंको के साथ राज्य में प्रथम स्थान और कवर्धा जिला अस्पताल ने दूसरा स्थान हासिल किया, वहीं जगदलपुर जिला अस्पताल ने टॉप टेन में अपनी जगह बनाते हुए 85.11 प्रतिशत अंको के साथ छटवें स्थान पर रहा।
 
कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना 2021-22 के अंतर्गत 14 जिला अस्पतालों, 32 सिविल अस्पतालों / सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 178 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 30 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 224 उप स्वास्थ्य केंद्रों (हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर) को शामिल किया गया था। जिन स्वास्थ्य केन्द्रों के द्वारा 70 प्रतिशत या अधिक अंक हासिल किये गए हैं उन्हें कायाकल्प-स्वच्छ अस्पताल योजना के तहत विजेता, उपविजेता एवं अन्य को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के मिशन संचालक की ओर से पत्र जारी कर राज्य में कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा की गयी है। कायाकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य संस्थाओं में सफाई प्रबंधन, रोग संक्रमण नियंत्रण, भवन एवं परिसर ,सौंदर्यकरण, रुग्ण सेवा में सुधार, के लिए समयबद्ध कार्यक्रम घोषित किया गया है। जिला अस्पताल की श्रेणी में कुल 14 पुरस्कारों की घोषणा की गई है। योजना के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 लाख एवं द्वितीय पुरस्कार में 20 लाख रुपए की धनराशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।

बस्तर संभाग के इन अस्पतालों को भी मिला पुरस्कार
सिविल अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतागढ़ जिला जिला कांकेर 80.1 प्रतिशत अंक के साथ तेरहवें स्थान पर रहा। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चारामा 78.3 प्रतिशत अंक के साथ पन्द्रहवें और भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पच्चीसवें स्थान पर रहा। इस श्रेणी में कुल 32 केंद्रों को पुरस्कृत किया गया है।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत यूपीएचसी राजा तलाब जिला रायपुर ने 98.85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं बस्तर संभाग से यूपीएचसी गीदम रोड इस श्रेणी में अपना स्थान बनाने में सफल रहा। इस श्रेणी में कुल 30 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पुरस्कृत किया गया है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी
स्वास्थ्य विभाग की इस योजना में शामिल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में प्रदेश के कुल 178 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को पुरस्कृत किया गया । जिसमें 26 विजेताओं को 2 लाख और अन्य 152 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 50,000 रुपये दिया जाएगा। इस श्रेणी में बस्तर संभाग के कुल 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शामिल है। बस्तर जिले से आड़ावाल, कचनार, बीजापुर जिले से चेरपाल, दंतेवाड़ा जिले से पोटाली, कांकेर से बांदे, बगोदर,कोंडे,कोटरा, कोरर,हल्बा,लखनपुरी, बसनवाही, मर्दोपती, कोडेकुर्से, कोंडागांव जिले से अडेंगा,अंतपुर, बम्हनी, बड़ेकनेरा, नारायणपुर जिले से धौड़ाई, बेनूर, धनोरा आदि।

सब हेल्थ सेंटर-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
सब हेल्थ सेंटर-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर श्रेणी में जिन्होंने पहला दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किए हैं। उनको प्रथम स्थान पाने वाले केंद्र को 1 लाख, दूसरा स्थान को 50,000 एवं तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 35,000 मिलेगा अन्य को 25,000 पुरस्कार दिया गया है। इस श्रेणी में दंतेवाड़ा जिले से गाटम,कांकेर जिले से सेलेगांव, कोंडागांव जिले से खल्लारी, नारायणपुर जिले से बडेजमहारी ने अपने-अपने जिले में प्रथम स्थान बनाया है।

प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ अस्पताल योजना वर्ष 2015 से संचालित की जा रही है। इस परिप्रेक्ष्य में कायाकल्प अभियान मई 2015 से प्रारंभ किया गया है। कायाकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य संस्थाओं में सफाई प्रबंधन, रोग संक्रमण नियंत्रण, भवन एवं परिसर ,सौंदर्यकरण, रुग्ण सेवा में सुधार, के लिए समयबद्ध कार्यक्रम घोषित किया गया था। जिसके अंतर्गत आंतरिक मूल्यांकन, सहकर्मी मूल्यांकन एवं बाह्य मूल्यांकन की प्रक्रिया की गई जाती है जिसके आधार पर प्रदेश स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

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