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ब्लॉक एवं ग्राम पंचायतों पर व्यापक रूप से हुआ हाथ धुलाई कार्यक्रम

ग्रामीणों और स्कूल के बच्चों ने जाना सही हाथ धुलाई का तरीका

जगदलपुर : विश्‍व हाथ धुलाई दिवस के मौके पर शनिवार को जिले में हज़ारों हाथ एक साथ धुलें। हाथों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को बस्तर में सभी शासकीय अस्पतालों, आंगनबाडी, स्कूलों, और आम नागरिकों के द्वारा सोशल डि‍स्‍टेंसिंग का पालन करते हुए सामूहिक रूप से हाथ धोकर स्‍वच्‍छता का संदेश दिया गया।

इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. आर.के.चतुर्वेदी ने बताया: "हाथ की स्वच्छता स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का ही एक हिस्सा है। अच्छी तरह हाथ धुलने से ही कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका द्वारा जिले में ब्लाक एवं ग्राम पंचायतों पर व्यापक रूप से हाथ धुलाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूल में पड़ने वाले बच्चों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सही तरीके से हैण्ड वाशिंग के महत्व के बारे में जागरूक करना था। विश्व हाथ धुलाई दिवस के मौके पे लोगों के सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए साबुन से हाथ धोने के बारे में विस्तार से 'सुमन के' तकनीक के बारे में बताया गया।"

उन्होंने आगे बताया: "हाथ की स्वच्छता हमारे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का ही एक हिस्सा है क्योंकि सिर्फ साबुन से अच्छी तरह हाथ धुल लेने से ही कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है, रोगाणु कई माध्यमों के जरिये से हमारे शरीर में फैलते हैं। उनमें से एक हमारे हाथ भी बीमारी का एक बड़ा जरिया हैं जिसकी वजह से सबसे ज्यादा बच्चों में संक्रमण व गंभीर बीमारियों जैसे डायरिया, निमोनिया आदि का खतरा बना रहता है। संक्रमण से बचाव का सही तरीका 6 चरणों में ठीक तरह से हाथ धोना है यही हमारे बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक अच्छी पहल है।"

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू ने बताया: " नौनिहालो में स्वच्छ जीवनशैली के प्रति हाथों की साफ-सफाई के लिये जागरूक करना आवश्यक है। बच्चों को हैंड वॉशिंग की आदत कम उम्र से शुरू कर देना चाहिए, ताकि वह संक्रमण से बचे रहें। हाथों की साफ-सफाई की शुरुआत घर से ही करनी चाहिए। जब घर के बड़े लोग स्वच्छता की आदतों की शुरुआत करते हैं, तो बच्चे भी इसका अनुसरण करते हैं।"

हाथ न धोने से होने वाली बीमारियाँ
दस्त, श्वसन संक्रमण, टाइफाइड, निमोनिया, पेट संबंधी रोग, पीलिया, आँख की बीमारी,हैजा,त्वचा संबंधी रोग हो सकते है।

हाथ धोना कब-कब जरूरी
शौच के बाद, खाना बनाने और खाने से पहले, साफ-सफाई करने के बाद, पालतू जानवरों और खेलने के बाद, किसी बीमार व्यक्ति से मिलकर आने के बाद। छींक,खांसी, बागवानी के बाद हाथ जरुर धोना चाहिये।

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