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विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत किया जा रहा लोगों को जागरूक

दीर्घायु कैंसर वार्ड में 22 महिलाओं की हुई जांच

स्तन में असाधारण गांठ हो सकती हैं कैंसर का कारण

जगदलपुर : वैश्विक स्तर पर स्तन कैंसर के जोखिमों को लेकर लोगों को जागरूक करने और बचाव के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत बस्तर जिले में भी कैंसर रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। परिणामस्वरूप जिले की महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। अक्टूबर माह में महारानी अस्पताल जगदलपुर के दीर्घायु कैंसर वार्ड में कुल 22 स्तन कैंसर से संबंधित लक्षणों वाली महिलाओं की जांच की गई, जिसमे से 8 महिलाओं में स्तन कैंसर की पुष्टि हुई है। वहीं इस माह कुल 32 स्तन कैंसर के पुराने मरीजों को कीमोथेरेपी तथा हार्मोनल थेरेपी के माध्यम से उपचार प्रदान किया गया है।

इस सम्बंध में जानकारी देते हुए महारानी अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.भँवर शर्मा ने बताया: "आजकल महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं। अधिकतर मामलों में कैंसर की पहचान काफी देरी से होती है। इससे यह बीमारी काफी घातक बन जाती है। लेकिन आरंभिक अवस्था कैंसर के लक्षणों का पता लगाकर इसका निदान करने से स्तन कैंसर के प्रकरणों की संख्या को कम किया जा सकता है। 40 वर्ष की आयु के पश्चात सभी महिलाओं को स्तन जांच अवश्य रूप से करवानी चाहिए।"

आगे उन्होंने बताया: " स्तन कैंसर की प्रारंभिक स्तर पर जांच होने से इसका उपचार संभव है। लेकिन आमजनों में इसकी पर्याप्त जानकारी नही होने के कारण समय पर कैंसर की पहचान नही हो पाती। इसलिए इसकी जागरुकता के लिये हर वर्ष अक्टूबर माह को स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। कैंसर का इलाज मुख्य रूप से कीमोथेरेपी, सर्जरी, और रेडिएशन द्वारा किया जाता है।"

सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद ने बताया: " महारानी अस्पताल के दीर्घायु कैंसर वार्ड के माध्यम से स्तन कैंसर सहित अन्य कैंसर के मरीजों के लिये कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, हार्मोनल थेरेपी जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध है। कैंसर शरीर में होने वाली एक असामान्य और गंभीर स्थिति है। कैंसर तब होता है, जब शरीर में कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने और विभाजित होने लगती हैं। स्तन में कोशिकाओं के असाधारण विकास तथा उनके ट्यूमर के रूप में विकसित होने पर स्तन कैंसर रोग होता है। प्रभावित कोशिकाएं एक गांठ के रूप में नजर आती हैं लेकिन स्तन में होने वाली सभी गांठ कैंसर नहीं होती परन्तु स्तन में किसी भी प्रकार की गांठ नजर आने पर उसकी जांच बहुत जरूरी होती हैं। समय पर जांच और इलाज से इस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है।"

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
    ● स्तन में या बाहों के नीचे गांठ होना
    ● स्तन में दर्द या सूजन
    ● स्तन के निप्पल के आकार या स्किन में बदलाव
    ● स्तन का सख्त होना निप्पल पर खुजली
    ● निप्पल से रक्त या लिक्विड आना

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