कोरबा : आंगनबाड़ी केंद्र में 5 साल के बच्चे की संदिग्ध मौत - CG Sandesh

कोरबा : आंगनबाड़ी केंद्र में 5 साल के बच्चे की संदिग्ध मौत

कोरबा : कोरबा जिले के सलियाभाटा आंगनबाड़ी केंद्र में शनिवार को 5 साल के बच्चे की संदिग्ध मौत हो गई। बच्चे के पिता ने बताया कि सुबह उनका बेटा बिल्कुल स्वस्थ था, लेकिन बाद में उसके आंगनबाड़ी में बेहोश होने की खबर मिली। जब वे बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला करतला थाना क्षेत्र का है।

सलियाभाटा के जितेंद्र दिवाकर अपनी पत्नी गुलशन और दो बेटों के साथ रहते हैं। बड़ा बेटा 5 साल का है, जिसका नाम भावेश दिवाकर है। वहीं छोटा बेटा अभी सिर्फ 6 महीने का है। जितेंद्र दिवाकर ने बताया कि उनका 5 साल का बेटा भावेश रोजाना की तरह शविवार दोपहर को 12 बजे अपने दोस्तों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र गया था। वहीं वे उस वक्त गांव के तालाब में नहाने गए थे। इसी बीच उन्हें खबर मिली कि भावेश आंगनबाड़ी में बेहोश होकर गिर गया है।


पिता ने बताया कि बेटे के बेहोश होने की खबर सुनकर वे तुरंत आंगनबाड़ी पहुंचे और वहां से उसे जिला अस्पताल ले गए, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत कब, कैसे और किन परिस्थितियों में हुई, ये परिवारवालों को समझ में नहीं आ रहा है। पिता जितेंद्र का कहना है कि उनका बेटा बिल्कुल स्वस्थ था और रोज की तरह आंगनबाड़ी केंद्र गया था। इस बीच उसके साथ क्या घटना घटी है, इसकी जांच होनी चाहिए।

इधर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्याम बाई खैरवार का कहना है कि भावेश को आंगनबाड़ी ले जाने के लिए वो सुबह 10 बजे उसके घर गई थी, लेकिन किसी कारणवश वो उस वक्त उसके साथ नहीं आया। बाद में बच्चा अपने दोस्तों के साथ दोपहर 12 बजे आंगनबाड़ी पहुंचा और अचानक बेहोश हो गया। जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना तत्काल परिवार वालों को दी।

वहीं जिला अस्पताल चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार जनार्दन ने बताया कि जिला अस्पताल से मिले में मेमो के आधार पर बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। परिजनों का बयान दर्ज कर केस डायरी को करतला थाना भेजा जाएगा। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत की सही वजहों का खुलासा हो सकेगा।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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