जैजैपुर अबकारी विभाग के वृत प्रभारी शराब माफ़ियायों के हाथों ... - CG Sandesh

जैजैपुर अबकारी विभाग के वृत प्रभारी शराब माफ़ियायों के हाथों के कटपुतली…

जैजैपुर:  आबकारी विभाग के जैजैपुर वृत क्षेत्र शराब छापेमारी के मामलों में नवीन जिला सक्ति बनने के बाद पिछले कुछ महीनों में विभिन्न समाचार पत्रों में खूब सुर्खियों में रही है, चाहे मुख्य मार्ग हसौद के शराब दुकान के आस-पास लगे चखने दुकानों को संरक्षण देने का मामला हो या शराब माफ़ियायों से मानसिक चढ़ावा लेकर खुलेआम भारी मात्रा में शराब खपाने की बात हो बड़े शराब माफ़ियायों के इसारों पर छोटे-छोटे कोचियों के ऊपर कार्यवाही कर उच्चाधिकारियों के नजरों में वाह वाही बटोरने में कोई कसर नहीं छो रहे है, ताजुब की बात यह है कि आज कल आबकारी विभाग का स्थानीय जैजैपुर रेस्ट हाउस जहाँ अवैध शराब में पकड़े बेचोलियों के साथ लेने देने का खेल चलते रहता है.


हसौद मुख्य मार्ग से लगे ऐसे अनेक ढ़ाबों का संचालन किया जा रहा है जहाँ अवैध रूप में तय मात्रा से दुगने कीमतों में सारे आम शराब परसो जा रहा है, जैजैपुर वृत क्षेत्र में ऐसे दर्जनों गांव है,जहाँ आबकारी विभाग के गुप्तचर एवं निजी आदमी सक्रिय रूप से कच्ची शराब को बेखौफ होकर खफा रहे है, जो संयुक्त टीम की कार्यवाही से पहले सतर्क हो जाये रहते है।

मिली जानकारी के अनुसार बीते 2 नवम्बर दिन बुधवार को जब जैजैपुर क्षेत्र में आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब बेचने वालों के ऊपर छापेमारी की गई तब ग्राम कुटराबोड से एक व्यक्ति को आबकारी विभाग द्वारा क़रीब 5-6 लीटर कच्ची महुवा शराब के साथ धर दबोचा था और उसे आबकारी विभाग की सरकारी वाहन में बैठकर कर जैजैपुर के एक होटल ले जाया गया जहाँ जैजैपुर वृत प्रभारी दिलीप प्रजापति के निजी शराब कोचिया के माध्यम से ग्राम कुटराबोड के ही व्यक्ति ने संपर्क साधा व उस निजी गुप्तचर के द्वारा आपसी लेन देन करा कर लगभग 20 हजार तक की मोटी रकम लेकर मामला रफा-दफा कराया और उसे 2 घंटे के भीतर बाइज्जत उस गुप्तचर के साथ छोड़ दिया गया।

सूत्रों से जब इस बात की जानकारी मिली तो जैजैपुर वृत प्रभारी दिलीप प्रजापति से मामले की जानकारी लेनी चाही तो जानकारी न देते हुए नम्बर को ब्लॉक कर देना उनकी कार्यशैली के ऊपर प्रश्न चिन्ह को दर्शा रही है व उनकी कार्यप्रणाली क्षेत्र भर में जनचर्चाओं का विषय बना हुआ है?

जैजैपुर वृत में आबकारी विभाग इन दिनों आमजनों के मुख से बखूबी सुर्खियों में है, जिनकों शराब माफ़ियायों के हितैषी के नाम से संबोधित किया जा रहा है व दिखावे की कार्यवाही के लिए आबकारी विभाग का स्टार प्रचारक जाना जा रहा है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें