यहां अभी तक नहीं हुई धान खरीदी की शुरुआत… - CG Sandesh

यहां अभी तक नहीं हुई धान खरीदी की शुरुआत…

मनेंद्रगढ़ :  छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 1 नवंबर से जारी है। इन सात दिनों में अब तक राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर 1 लाख 10 हजार 196 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 7 नवम्बर यानी सोमवार को किसानों से 39 हजार 946 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। धान के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत अब तक 295.65 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है। धान खरीदी के महाअभियान के बीच मनेंद्रगढ़ से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। इस जिले में अब तक 1 भी किसानों ने अपना धान नहीं बेचा है। इस वजह नमी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 16 हजार किसान पंजीकृत है।


लेकिन नमी के चलते किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। किसान नमी की जांच करवाने पहुंच रहे हैं। बता दें कि जिले में 12 समितियों और 21 धान उपार्जन केंद्र हैं। आपका बता दें कि 1 नवंबर से जारी धान खरीदी 31 जनवरी 2023 तक जारी रहेगा। धान खरीदी को लेकर खाद्य विभाग सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि धान बेचने वाले किसानों को 16589 टोकन जारी किए गए थे। जिसमें 1857 टोकन तुंहर हाथ एप्प द्वारा जारी किए गए थे। आगामी दिवस की खरीदी के लिए राज्य में धान उपार्जन के लिए 21,804 टोकन तथा तुंहर हाथ एप के जरिये 2,269 टोकन जारी किए गए हैं। राज्य में धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी है। अधिकारी धान की व्यवस्था पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। धान खरीदी को लेकर कहीं से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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