12 साल के मासूम की हत्या मामलें में खुला राज, आरोपी हुए गिरफ... - CG Sandesh

12 साल के मासूम की हत्या मामलें में खुला राज, आरोपी हुए गिरफ्तार

 दुर्ग : अंडा थाना क्षेत्र ग्राम रुदा में 12 साल के मासूम की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। सोमवार को इस मामले में पुलिस को सफलता मिली थी और मृतक के पड़ोसी दंपती को हिरासत में लिया गया था, लेकिन रात बीतने के बाद कहानी पूरी तरह से बदल गई। दरअसल हत्या की यह पूरी वारदात को दो नाबालिग बच्चों ने अंजाम दिया। हत्या की वजह बच्चों के बीच आपसी झगड़ा व खींचतान है। पुलिस ने इस मामले में दो अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर लिया है।


दरअसल मामला 24 अक्टूबर की सुबह नदी के किनारे खेत के मेड़ के पास ग्राम रुदा निवासी समीर साहू का शव मिला था। 23 अक्टूबर की शाम से खेलने निकला समीर वापस घर नहीं पहुंचा था। देर शाम तक घर वालों ने उसकी खोज की लेकिन जब वह कहीं नहीं मिला तब थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। 24 अक्टूबर को सुबह करीब 9:00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि नदी किनारे नर्सरी के पास खेत के मेड़ में प्लास्टिक की एक बोरी में कुछ पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा तो बोरे में समीर का लाश था।

जिस पर पुलिस ने परिजनों को बुलाकर समीर साहू की पहचान करवाई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरूकर दी । मृतक समीर के दोस्तों से पूछताछ की गई. नाबालिगों ने पुलिस को बताया कि समीर के पड़ोसी तंत्र-मंत्र का काम किया करते हैं. और हत्या के मामले में पड़ोसी को बताया। पुलिस लगभग मान चुकी थी कि हत्या की वजह यही है। सोमवार को पुलिस ने इस मामले में पड़ोसी दंपती को हिरासत में लिया। इसके बाद पूछताछ में दंपती के आरोपी होने की बात साबित नहीं हो पाई। इसके बाद कहानी बनाने वाले दोनों नाबालिगों से अलग अलग पूछताछ की गई। कबड्डी खेल में समीर अच्छा रेडर था। इसी कारण दोनों साथी समीर से चिढ़ते थे। दोनों का समीर के साथ अक्सर गाली-गलौच एवं वाद-विवाद होता था। पुलिस को गुमराह करने के लिये सीताफल तोड़ने वाली कहानी रचे थे। इसको अंजाम देने वाले मृतक बालक के साथी 02 विधि के विरूद्ध संघर्षरत् बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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