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MCI ने यहां 150 MBBS सीटों की मिली मंजूरी...कॉलेज में फिर से शुरू होगी मेडिकल की क्लास

भिलाई  : राज्य सरकार के अधिग्रहण के बाद भिलाई स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में फिर से मेडिकल की क्लास शुरू होगी। 4 चालों बाद MCI (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) ने यहां 150 MBBS सीटों की मान्यता दे दी है। इन सीटों में एडमिशन साल 2022-23 के सत्र के लिए चल रही काउंसलिंग के तहत ही होंगे।

MCI ने साल 2017 में चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद यहां एमबीबीएस की मान्यता को समाप्त कर दिया था। इसके बाद चार सालों तक इसे मान्यता नहीं मिली। साल 2020 में छत्तीसगढ़ शासन इस कॉलेज का अधिगृहण किया।

इसके बाद यहां एमसीआई की गाइडलाइन को पूरा करने के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई। इसे देखते हुए एमसीआई ने सत्र 2022-23 में ही 150 सीटों की मान्यता को बहाल कर दिया है। अब फिर से छात्र अपने मार्क्स के आधार पर इस कॉलेज में अपनी काउंसलिंग करा पाएंगे। काउंसलिंग के बाद यहां एमबीबीएस की क्लासेस शुरू हो जाएंगी।


अब प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेज में 1270 सीटें

चंदूलाल चंद्राकर शासकीय मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इतना ही नहीं यहां एमबीबीएस की सीटें 1120 से बढ़कर 1270 हो गई हैं। इसके अलावा राज्य में तीन निजी मेडिकल कॉलेज भी हैं। यहां 450 एमबीबीएस सीटों की मान्यता है। इस तरह अब छत्तीसगढ़ में हर साल 1720 स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई कर सकेंगे।

दो साल पहले सरकार ने किया था अधिग्रहण

चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज की मान्यता 2017 में समाप्त हो जाने के बाद यहां पढ़ रहे एमबीबीएस के 400 स्टूडेंट्स का भविष्य दांव में लग गया था। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने इसका अधिग्रहण करने का फैसला लिया था। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद साल 2020 में इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया गया।

क्लास लेने के लिए टीचिंग स्टॉफ की हुई नियुक्त

सीसीएम मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए ली गई नीट की परीक्षा में मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा। एडमिशन के बाद रेगुलर क्लास चलें इसके लिए शासन ने स्टॉफ की भी भर्ती की है। यहां एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए 80 जूनियर व सीनियर रेजिडेंट सहित असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर्स ने जॉइन कर लिया है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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