एकमात्र हिंदुत्व ही ऐसी विचारधारा है जिसकी विविधता में एकता ... - CG Sandesh

एकमात्र हिंदुत्व ही ऐसी विचारधारा है जिसकी विविधता में एकता है – मोहन भागवत

अम्बिकापुर। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में आरएसएस कार्यकर्ताओं व आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी भारत पर संकट आता है हम सब भूल जाते हैं। हम आपस में कितने भी लड़ते रहे हैं लेकिन संकट में हम सब एक हो जाते हैं। जो भारत को अपनी माता मानता है वो हिन्दू है। एकमात्र हिंदुत्व ही ऐसी विचारधारा है जिसकी विविधता में एकता है।

 हमारा स्वार्थ हमेशा भारत के स्वार्थ से छोटा होगा। शाखा में आने वाले किसी भी शख्स से उसकी जात-पात नहीं पूछी जाती। मोहन भागवत ने स्वागत व प्रणाम के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर की धरती पर दूसरी बार संघ का कोई बड़ा पदाधिकारी आया है।
उन्होंने कहा कि हम घर पर किसी भी देवी-देवता की पूजा करते हो, किसी भी धर्म के हों, लेकिन जब देश पर संकट आता है तो हम एक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने धर्म के साथ ही दूसरे के धर्म का ही उतना ही आदर करना चाहिए।
मंच पर मोहन भागवत के साथ संघ के प्रांतीय पदाधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री व सरगुजा सांसद रेणुका सिंह, बृजमोहन अग्रवाल,पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा समेत अन्य दिग्गज नेता शामिल हुए।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें