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केशापुर में धान खरीदी केंद्र खुलने से ग्रामीणों में काफी उत्साह

 दंतेवाड़ा : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाभियान एक नवम्बर से प्रारंभ है। राज्य शासन द्वारा किसानों की सहूलियतों के लिए खरीदी केन्द्रों में आवश्यक सुविधाओ के साथ-साथ नवीन धान खरीदी केन्द्र भी प्रारंभ किए जा रहे है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिले के केशापुर में नवीन धान खरीदी केन्द्र शुरू किया गया है। केशापुर में नवीन धान खरीदी केन्द्र खुलने से ग्रामीणों में काफी खुशी है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का आभार माना है। केशापुर में नवीन धान खरीदी केन्द्र खुलने से आस-पास के 14 गांवों के किसानों को धान विक्रय में सहूलियत होगी।


राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी इस वर्ष 01 नवम्बर 2022 से शुभारंभ हो चुका है, जो 31 जनवरी 2023 तक चलेगा। इस वर्ष धान एवं मक्का के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी करते हुए समर्थन मूल्य धान कॉमन 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड-ए 2060 रूपए प्रति क्विंटल एवं मक्का का समर्थन मूल्य 2040 रूपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष लेम्प्स केशापुर में नवीन धान खरीदी केन्द्र प्रारंभ किया गया है, जिसे मिलाकर अब जिले में कुल धान खरीदी केन्द्रों की संख्या 13 हो गई है। धान खरीदी केन्द्र केशापुर के अन्तर्गत लेम्प्स फरसपाल के 04 एवं लेम्प्स दन्तेवाड़ा के 10, कुल 14 ग्रामों के   कृषकों को लेम्प्स केशापुर में धान विक्रय करने की सुविधा दी गई है। लेम्प्स केशापुर में नवीन धान खरीदी केन्द्र प्रारंभ हो जाने से उक्त ग्रामों के कृषकों को 25 से 30 किलोमीटर दूर धान विक्रय करने जाना नहीं पड़ेगा जिससे उनके समय और परिवहन भाड़ा की बचत होगी।

दंतेवाड़ा जिला के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2022-23 में जिले में कुल 13,286 पंजीकृत कृषकों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है, जिसमें से 2150 नये पंजीकृत कृषक है, जो कि विगत वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। अब तक 04 खरीदी केन्द्रों में कुल 476.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। धान विक्रय हेतु टोकन जारी करने हेतु समिति स्तर पर तथा मोबाइल एप ’’किसान टोकन तुंहर हाथ’’ दोनों ही माध्यम से व्यवस्था की गई है। टोकन जारी करने हेतु सीमांत एवं लघु कृषकों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि लघु एवं सीमांत कृषकों का धान एक अथवा अधिकतम दो टोकन में पूर्ण करा ली जाए, ताकि उन्हें बार-बार खरीदी केन्द्र तक आने की आवश्यकता न हो।

जिला कलेक्टर द्वारा प्रबंधकों, डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों एवं नोडल अधिकारियों को समीक्षा बैठक में निर्देशित किया गया है कि धान खरीदी केन्द्रों को साफ-सुथरी रखा जाए। मानक गुणवत्ता के धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए, जिसमें नमी की मात्रा निर्धारित 17 प्रतिशत से कम हो। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध धान परिवहन एवं बोगस धान विक्रय को रोकने हेतु 06 चेक पोस्ट (जांच नाका) स्थापित किया गया है, जिसमें 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। समिति प्रबंधकों एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों को भी सख्त निर्देश दिया गया कि केवल वास्तविक कृषकों से ही धान की खरीदी की जाए।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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