इस  इलाके में घुसे 42 जंगली हाथी, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी.. - CG Sandesh

इस इलाके में घुसे 42 जंगली हाथी, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी..

छत्तीसगढ़ : सीतापुर वन परिक्षेत्र के सरगा जंगल की ओर से 42 हाथियों का दल बीती रात रजौटी गांव में पहुंच गया और पांच ग्रामीणों के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों ने खेत और खलिहान में रखे अनाज को भी काफी नुकसान पहुंचाया। हाथियों के गांव में पहुंचने की खबर पर देर रात वन विभाग गांव में पहुंचा और हाथियों को नावापारा जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियों का दल जंगल में ही डटा हुआ है। इसके कारण ग्रामीण दशहत में हैं।



वन परिक्षेत्र सीतापुर के रजौटी में बीती रात 42 की संख्या में हाथी घुस आए। हाथियों के गांव में घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर हाथियां को खदेड़ने में जुट गए। सूचना पर वन विभाग गांव में पहुंचा और ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा रात में कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों के दल को नावापारा जंगल की ओर खदेड़ा गया है।

यह दल काफी दिनों से आस-पास के जंगल सरगा, गेरसा, ढोंढागांव, भरतपुर इलाके में घूम रहा था। रात में हाथी गांव में घुसकर फसलों एवं खलिहान में रखे अनाज को चट कर जा रहे हैं। इससे ग्रामीण सहमे हुए हैं और रातभर जागने को मजबूर हैं। हाथियों ने बीती रात रजौटी में हीरालाल, गोविंद के मकानों सहित पांच ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। हाथी पियारो बाई के खलिहान में रखे अनाज को खा गए। जंगली हाथियों द्वारा बेलजोरा, धरमपुर क्षेत्र में भी किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया गया है। बीती रात ये हाथी बेलजोरा बस्ती के किनारे से ग्राम धरमपुर के नजदीक पहुंच गए थे। कड़ाके की ठंड में हाथियों के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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