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कोरोना पर पीएम मोदी आज करेंगे उच्चस्तरीय बैठक, IMA बोला- लॉकडाउन के हालात नहीं

नई दिल्ली। चीन समेत कई देशों में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। ऐसे में भारत में भी कोरोना महामारी को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोरोना के हालात की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। बताया गया है कि यह बैठक दोपहर दोपहर 3:30 बजे होगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी आज कोरोना केसों की समीक्षा के लिए अपने-अपने राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

राज्यसभा में गुरुवार को सभापति जगदीप धनखड़ मास्क लगाकर पहुंचे। उन्होंने अलग-अलग देशों में कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए सदस्यों से पूरी तरह सतर्क रहने और अतिरिक्त ऐहतियात बरतने को कहा। उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति ने कहा कि कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और यह स्थिति चिंताजनक है।


उन्होंने कहा कि कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सर्तक रहने तथा अतिरिक्त ऐहतियात बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संसद सदस्यों को जनता के सामने नजीर पेश करना और एकजुट हो कर देश को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों की वजह से भारत कोविड की चुनौती से उबरा है।

इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि देश में लॉकडाउन की स्थिति नहीं होगी, क्योंकि यहां के 95% लोगों को टीका लग चुका है। भारतीयों की इम्यूनिटी चीन के लोगों से ज्यादा मजबूत है। भारत में T-3 का ध्यान रखने की जरूरत है यानी टेस्टिंग, ट्रीटिंग और ट्रेसिंग।

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,41,42,432 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.03 खुराक दी जा चुकी हैं।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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