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BBC डॉक्यूमेंट्री विवाद पहुंचा छत्तीसगढ़, पं. रविशंकर विश्वविद्यालय में हुआ हंगामा

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री सीरीज की स्क्रीनिंग को लेकर देशभर में पिछले कुछ दिनों से विवाद जारी है। देश के कई बड़े विश्वविद्यालयों में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। जिसमें JNU, जामिया, DU और AU जैसे यूनिवर्सिटी के नाम शामिल हैं। वहीं BBC डॉक्यूमेंट्री विवाद अब छत्तीसगढ़ में भी पहुंच गया है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के होटल में गुजरात दंगे को लेकर पीएम मोदी की भूमिका पर सवाल उठाती बीबीसी की डाक्यूमेंट्री ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन” पर जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद गणतंत्र दिवस अमर रहे और संविधान जिंदाबाद के नारे भी लगे। हालांकि अब इस मामले को छिपाने की कोशिश भी हो रही है।


दरअसल, यह मामला 26 जनवरी की रात का है। विश्वविद्यालय के पावरग्रिड हास्टल में इंडिया : द मोदी क्वेश्चन डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की जा रही थी। इस दौरान छात्रों के एक गुट ने केंद्र सरकार द्वारा इस डाक्यूमेंट्री फिल्म को प्रतिबंधित होने की बात कहते हुए फिल्म को बंद करने को कहा। इस पर दूसरे पक्ष ने फिल्म बंद करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह पूरी फिल्म देखेंगे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और हंगामा शुरू हो गया। हालांकि कुछ देर के हंगामे के बाद माहौल शांत हो गया, लेकिन इंटरनेट मीडिया में इस हंगामे की खूब चर्चा हो रही है।

इस मामले में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डा. शैलेंद्र पटेल ने कहा, इस मामले की हमने जांच कराई है। छात्रों से पूछताछ की गई है। डाक्यूमेंट्री को लेकर हास्टल में किसी प्रकार का विवाद व हंगामा नहीं हुआ है।



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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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