छत्तीसगढ़ : टीआई ने एसआई से की मारपीट ! 3 थाना प्रभारियों का हुआ तबादला, डीएसपी को जांच के लिए निर्देश
सौम्यरंजन कानूनगो. पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा 30 जनवरी को 3 थाना प्रभारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया है, इस स्थानांतरण आने के एक रात पहले थाना प्रभारी द्वारा SISI के साथ मारपीट की गई, जिसे अब इससे जोड़कर देखा जा रहा है.
पुष्ट सूत्रों की जानकारी अनुसार एवं हमारे प्रतिनिधि द्वारा पीड़ित एसआई से की गई बातचीत में मारपीट का संपूर्ण विवरण बताया गया है, जिसके अनुसार अत्यधिक नशे की हालत में टी आई पुरुषोत्तम लाल ध्रुव ने अश्लील गाली गलौच करते हुए, एसआई सुनील जैन के साथ क्रूर तरीके से मारपीट की. जिसकी जानकारी पीड़ित ने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज एवम दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को दी. जिस पर अधिकारियों ने उन्हें धैर्य रखने एवम न्याय दिलाने की बात की.
इसके बाद 30 जनवरी को सवेरे जब हमारे प्रतिनिधि ने पुलिस अधीक्षक से संपर्क का प्रयास किया तो प्राथमिक प्रयासों पर संपर्क ना हो पाने के बाद 11:00 बजे के आसपास पुलिस अधीक्षक से चर्चा हुई जिसमें हमने रात को घटी घटना के विषय में पूछा, जिसपर उन्होंने जवाब दिया कि...
" छत्तीसगढ़ पुलिस में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी हमने एक डीएसपी को जांच के लिए निर्देशित किया है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
इसके कुछ देर बाद स्थानांतरण का आदेश जारी कर दिया गया।
यहाँ कुछ ज्वलंत प्रश्न है जिनका उत्तर मिलना बाकी है.
- 1.आरोपी थाना प्रभारी का चिकित्सिकय मुलाहजा कराया गया है या नही ?
- 2.पिछले कुछ वर्षो से नक्सली मोर्चे पे तैनात पुलिस जवानों और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा अवसाद में साथियों, अधिकारियों पर हमले हत्या और आत्मत्या के प्रयास के समाचार आते रहे हैं, ऐसे में जिन अधिकारियों पर ऐसे गंभीर आरोप लगे क्या उनको तत्काल निलिम्बित नही किया जाना चाहिए?
- 3.यदि नक्सली मोर्चे पर पुलिस विभाग में इतनी सामंजस्य की कमी रहेगी तो नक्सली मोर्चे पर किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को बल नही मिलेगा ?
- 4.एक स्क्रीनशॉट भी हमे प्राप्त हुआ जिसमें घटना के बाद मामले के तूल पकड़ने पर थाना प्रभारी ने अपने थाने के आधिकारिक ग्रुप में अपने 3 साल से एक ही थाने में होने की बात कही है, ऐसे में मुख्यमंत्री के 2.5 साल में स्थानांतरण वाले फार्मूला का क्या हुआ था ?