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इतने करोड़ का CM बघेल कल गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को करेंगे भुगतान

रायपुर :  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 6 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम हितग्राहियों को 8.23 करोड़ रूपए की राशि जारी करेंगे। इसमें गौठानों में 15-31 जनवरी तक क्रय 2.38 लाख क्विंटल गोबर के एवज में गोबर विक्रेताओं को 4 करोड़ 76 लाख रूपए, गौठान समितियों को 2.04 करोड़ रूपए और महिला समूहों को 1.43 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं।

 

यहां यह उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के एवज में विक्रेताओं को अंतरित की जाने वाली 4.76 करोड़ रूपए की राशि में से मात्र 1.98 करोड़ की राशि कृषि विभाग द्वारा तथा 2.78 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य में अब तक 4927 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की जमा पूंजी से गोबर क्रय करने लगे हैं। स्वावलंबी गौठानों द्वारा अब तक 40.49 करोड़ रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय कर भुगतान किया गया है।

 


गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में हितग्राहियों को 395 करोड़ 35 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 5 फरवरी को 8.23 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 403 करोड़ 58 लाख रूपए हो जाएगा। यह यहां उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है।

 

राज्य में 31 जनवरी 2023 तक 103.25 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। गोबर विक्रेताओं से 15 जनवरी तक क्रय किए गए गोबर के एवज में 201.73 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 5 फरवरी को गोबर विक्रेताओं को 4.76 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 206 करोड़ 49 लाख रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 175 करोड़ 64 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 5 फरवरी को 3.47 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 179.11करोड़ रूपए हो जाएगा।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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