जलती चिता पर कूदकर दे दी जान...दोस्त की मौत नहीं बर्दाश्त क... - CG Sandesh

जलती चिता पर कूदकर दे दी जान...दोस्त की मौत नहीं बर्दाश्त कर पाया युवक

उत्तरप्रदेश।  फिरोजाबाद में दोस्ती की ऐसी मिसाल देखने को मिला है, जहां दोस्त की मौत पर युवक ने उसकी जलती चिता पर कूदकर अपनी जान दे दी. प्राइमरी स्कूल से साथ-साथ पढ़े और साथ आगे बढ़े, लेकिन शनिवार को जब दोस्त की कैंसर से मौत हो गई, तो शख्स यह गम बर्दाश्त नहीं कर पाया. और वह श्मशान घाट पर पहले तो खूब रोया, फिर जलती चिता पर कूद गया. दोस्त की चिता ठंडी होने से पहले ही अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। नगला खंगर क्षेत्र का मामला।

बताया जा रहा है कि आनंद गौरव (35 साल) के दोस्त अशोक की शनिवार को कैंसर से मौत हो गई. 30 साल की दोस्ती का जब अंत हुआ तो यह सदमा गौरव बर्दाश्त नहीं कर सके. जब अशोक की चिता जल रही थी, तभी आनंद उसमे कूद गए. आनंद फिरोजाबाद के गांव गढ़िया पंचम का निवासी है. बताया जा रहा है कि आनंद और अशोक प्राइमरी स्कूल से साथ ही पढ़े थे. अशोक 6 महीने से बीमार चल रहे थे. एक महीने पहले डॉक्टर ने उन्हें कैंसर बताया था. शिनवार सुबह अशोक ने अंतिम सांस ली. इसके बाद यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया. चिता को आग देकर सभी घर लौटने लगे, लेकिन गौरव वहीं बैठकर रोते रहे. तभी अचानक वह जलती चिता में कूद गए. चिता की तेज आग की वजह से गौरव 95 फीसदी झुलस गए. उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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