कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पिथौरा विकासखंड के ग्राम बरतुंगा के कृषक दम्पति कौशिल्या बाई यदु और उनके पति कभी पारंपरिक धान की खेती करते थे, उन्होंने समय के साथ अपनी सोच बदली और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में करेला की आधुनिक खेती अपनाया।
महासमुंद जिला आज छत्तीसगढ़ के प्रमुख दुग्ध उत्पादक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिले में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत दुग्ध उत्पादन को विशेष प्राथमिकता दिए जाने से हजारों किसानों और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आई नागेश्वर राव, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कुणाल नायक व खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी.आर. धृतलहरे के मार्गदर्शन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर